ईवीएम व वीवीपैट में विसंगति की शिकायत झूठी पाए जाने पर छह महीने की सजा के प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सुनील आह्या द्वारा दाखिल इस याचिका पर आयोग को जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि ऐसे प्रावधान से व्यक्ति शिकायत करने से डरता है। उन्होंने इसे अपराध से मुक्त रखने की गुहार लगाई है।
मौजूदा कोड ऑफ इलेक्शन रूल्स की धारा-49 में अगर कोई व्यक्ति शिकायत करता है कि ईवीएम से किसी एक खास पार्टी के पक्ष में वोट जा रहा है और जांच में यह दावा झूठा पाए जाने पर उसके खिलाफ मुकदमा चलाने का प्रावधान है। इसके तहत 1000 रुपये जुर्माना, छह महीने की जेल या दोनों सजा हो सकती है।