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नरेश गोयल ने जेट एयरवेज को बचाए रखने के लिए एतिहाद से मांगे 750 करोड़ रुपये

Mon, 11 Mar 2019 09:09 PM IST
Gaurav Pandey भाषा, नई दिल्ली
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जेट एयरवेज (फाइल फोटो)
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जेट एयरवेज के चेयरमैन नरेश गोयल ने अपने सहयोगी एतिहाद से 750 करोड़ रुपये की आकस्मिक सहायता मांगी है। इसके लिए उन्होंने एतिहाद को एक पत्र लिखकर कहा है कि यदि मदद नहीं की गई तो जेट एयरवेज बंद हो जाएगी।

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उन्होंने कंपनी के बहुत भारी नकदी संकट का सामना करने का उदाहरण देते हुए कहा कि कंपनी की हालत बहुत अस्थिर है। उल्लेखनीय है कि पट्टे पर लिए विमानों का किराया नहीं चुकाए जाने से कंपनी को अपने 50 से ज्यादा विमानों को खड़ा करना पड़ा है।

एतिहाद समूह के मुख्य कार्यकारी टोनी डगलस को लिखे पत्र में गोयल ने कहा कि अंतरिम तौर पर कोष जुटाने के लिए उसने जेट प्रिवलेज में अपने शेयरों को गिरवी रखने के लिए विमानन मंत्रालय से मंजूरी भी ले ली है। इस लॉयल्टी कार्यक्रम में जेट की हिस्सेदारी 49.9 फीसद है जबकि बहुलांश हिस्सेदारी एतिहाद की है।
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एतिहाद के पास जेट में अप्रैल 2014 से 24 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कंपनी अबू धाबी में सोमवार को अपने निदेशक मंडल की बैठक के दौरान जेट के समाधान पर विचार विमर्श करेगी।

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मदद नहीं मिली तो बंद हो सकती है कंपनी

गोयल ने आठ मार्च को लिखे पत्र में कहा, ‘अगले हफ्ते की शुरुआत में तत्काल 750 करोड़ रुपये की पूंजी निवेश से इस एयरलाइन को बचाने के लिए मैं आपके समर्थन की उम्मीद करता हूं।’ उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह अंतरिम मदद नहीं की गई तो यह एयरलाइन के भविष्य के लिए बेहतर नहीं होगा और कंपनी बंद हो जाएगी।

इससे पहले 14 फरवरी को जेट एयरवेज के निदेशक मंडल ने कंपनी पर कर्ज का पुनर्गठन करने की योजना को हरी झंडी दे दी थी। इसके बाद कंपनी को कर्ज देने वाले बैंक सबसे बड़े हिस्सेदार बन जाएंगे क्योंकि कंपनी को दिए गए कर्ज को एक रुपये के न्यूनतम मूल्य पर शेयर में परिवर्तित कर दिया जाएगा। शेयरधारकों ने भी इस पुनर्गठन योजना को 21 फरवरी को मंजूर कर दिया।
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