पंजाब के लिए कांग्रेस ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने में जितनी जल्दी दिखाई, उत्तराखंड को लेकर एक-एक कदम ठहर करके बढ़ा रही है। पार्टी वहां सत्ता में है लिहाजा अपने उम्मीदवार घोषित करने से पहले सामने वाली टीम यानि भाजपा उम्मीदवारों को भी देख लेना चाहती है।
उत्तराखंड पर फैसले को लेकर 17 जनवरी को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक बुलाई जा सकती है। कांग्रेस का सीधा सा मकसद उन दस विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारने को लेकर हैं जहां से उनके विधायक पार्टी छोड़कर गए हैं।
इसी प्रकार पीडीएफ की चार सीटें भी देरी का कारण हैं। कांग्रेस सहयोगियों की इन सीटों को भी जाने नहीं देना चाहती है।