मौसम बदलने के साथ ही धीरे-धीरे तापमान में भी इजाफा होने लगा है। हालांकि, इस बार फरवरी में ही तापमान ने कई रिकॉर्ड तोड़ने शुरू कर दिए हैं। भले ही सुबह और शाम को तापमान गिर रहा है, लेकिन दोपहर में पारा इतना ज्यादा बढ़ रहा है कि लोगों को अभी से गर्मी सताने लगी है।
मौसम में होते इस उतार चढ़ाव ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की अभी से चिंता बढ़ा दी है। इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर गर्मी से जुड़ी बीमारियों को लेकर अलर्ट किया है। उन्होंने सभी से 'नेशनल एक्शन प्लान' पर ध्यान देने के लिए कहा है।
कई जगहों पर हाई लेवल पर पहुंचा तापमान
केंद्र की ओर से लिखी गई चिट्ठी में कहा गया है कि कई जगहों पर अभी से तापमान हाई लेवल पर पहुंच गया है। ऐसे में गर्मी से होने वाली बीमारियां भी बढ़ेंगी। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य पर राष्ट्रीय कार्यक्रम (NPCCHH) के तहत सभी राज्यों में दैनिक निगरानी की जाएगी। अधिकारियों से स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य सुविधाओं की प्रभावी तैयारियों के लिए सभी जिलों में तैयारी सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
आवश्यक दवाओं की उपलब्धता के दिए गए निर्देश
पत्र में कहा गया है कि राज्य के स्वास्थ्य विभागों को चिकित्सा अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मचारियों, जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को गर्मी से होने वाली बीमारी, इसकी शीघ्र पहचान और प्रबंधन के प्रति संवेदनशील बनने की जरूरत है। इसके अलावा विभागों को आवश्यक दवाओं, इंट्रावेनस फ्लूड, आइस पैक, ओआरएस और सभी आवश्यक उपकरणों की पर्याप्त मात्रा की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही सभी स्वास्थ्य सुविधाओं में पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता के भी निर्देश जारी किए गए हैं।