कर्नाटक में सरकारी कर्मचारियों की ओर से एक मार्च से हड़ताल की धमकी के बाद बोम्मई सरकार बैकफुट पर आ गई है। मंगलवार को सीएम बसवराज बोम्मई ने सरकारी कर्मचारियों से मुलाकात की और कहा कि उनकी सरकार सातवीं वेतनमान के लिए तैयार है। वेतन आयोग की अंतरिम रिपोर्ट को अविलंब लागू किया जाएगा। बता दें, कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कर्नाटक में बड़े पैमाने पर अस्पतालों, परिवहन और इमरजेंसी सेवाओं के प्रभावित होने की संभावना है।
तीन मांगों को लेकर डटे हैं कर्मचारी
कर्नाटक में सरकारी कर्मचारी अपनी तीन मांगों को लेकर सरकार के सामने हैं। कर्मचारियों की मांग है कि राज्य में 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। इसके अलावा कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना और कम से कम 40 प्रतिशत फिटमेंट सुविधाओं को लागू करने की मांग कर रहे हैं।
2023-24 में लागू होगा सातवां वेतन आयोग
मुख्यमंत्री बोम्मई ने कहा, हमारे वरिष्ठ अधिकारी सरकारी कर्मचारी संघ और उनके पदाधिकारियों के साथ संपर्क में हैं। मैंने विधानसभा में पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि सातवें वेतन आयोग का गठन हम लोगों ने किया था और यह 2023-24 में ही लागू होगा- 24 ही। उन्होंन कहा, इसके लिए बजट में धन आवंटित किया गया है। उन्होंने कहा, कर्मचारियों की एक मांग थी कि वेतन आयोग की अंतरिम रिपोर्ट को लागू किया जाए, इस पर राज्य सरकार सहमत हो गई है।