देश में कोरोना वायरस संक्रमण और इसके नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामलों मे आ रही तेजी को देखते हुए केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्र ने कोरोना मामलों के क्लिनिकल प्रबंधन के विभिन्न पक्षों पर वेबिनार की श्रंखला आयोजित करने का फैसला किया है। यह श्रंखला पांच से 19 जनवरी तक एम्स (भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) दिल्ली के साथ मिल कर आयोजित की जाएगी।
इसे लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि सभी राज्य स्तरीय सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, निजी व सरकारी डॉक्टर और अन्य संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को इन वेबिनार में शामिल होने का निर्देश दें। पत्र के अनुसार कुछ राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में मामलों में तेजी और ओमिक्रॉन चिंता का कारण बन गई है।
मृत्यु दर कम से कम करने के लिए सभी के प्रयास जरूरी
रविवार को भेजे गए इस पत्र में भूषण ने लिखा है, कंटेनमेंट, निगरानी, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, टेस्टिंग, कोविड अनुरूप व्यहार का पालन और टीकाकरण मुख्य महत्व के मुद्दे हैं। लेकिन, यह भी उतना ही जरूरी है कि सभी हिस्सेदार कोविड मृत्यु दर को कम से कम स्तर तक ले जाने के लिए प्रयास करें। स्वास्थ्य मंत्रालय, एम्स के साथ मिलकर पहले भी इस विषय पर वेबिनार आयोजित करवा चुका है।
ऑडियो-वीडियो माध्यम से सवाल पूछने का मिलेगा मौका
इस वेबिनार में हिस्सा लेने वाले अधिकारी एम्स के विशेषज्ञों से ऑडियो और वीडियो चैट के माध्यम से सवाल भी पूछ सकेंगे और अपनी शंकाओं के समाधान पा सकेंगे। जानकारी के अनुसार निजी क्षेत्र के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए वेबिनार की इस श्रंखला में शामिल होने के लिए एक अलग लिंक दी जाएगी। इस लिंक से जुड़ने वाले लोग भी चैट के माध्यम से विशेषज्ञों से सवाल कर पाएंगे।
वैक्सीन में गड़बड़ी से बचने के उपाय करें राज्य: मंडाविया
उधर, 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों के टीकाकरण के दौरान कोविड टीकों में गड़बड़ी से बचने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलग-अलग टीकाकरण केंद्र स्थापित करने समेत अन्य जरूरी उपाय करने के लिए कहा है। इस आयु वर्ग के लिए टीकाकरण तीन जनवरी से शुरू होगा और इन्हें केवल कोवाक्सिन टीका ही दिया जाएगा