केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में एक सवाल के जवाब में लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) से आतंकियों की घुसपैठ की घटनाओं के बारे में जानकारी दी।
केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की घटनाओं में साल 2018 के बाद से उल्लेखनीय गिरावट आई है। एलओसी से साल 2018 से साल 2021 के बीच 366 घुसपैठ की घटनाएं दर्ज की गई हैं।
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केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा सांसद रंजनबेन धनंजय भट्ट के सवाल के लिखित जवाब में कहा, 'जम्मू-कश्मीर में साल 2018 के बाद से एलओसी से घुसपैठ की घटनाओं में कमी दर्ज की गई है। पिछले चार वर्षों में घुसपैठों की कुल संख्या 366 होने का अनुमान है।'
'आतंकवादी घुसपैठ के लिए लॉन्च पैड पर तैयार'
राय ने आगे बताया कि जानकारी के अनुसार बड़ी संख्या में संदिग्ध आतंकवादी पाकिस्तान या उसके कब्जे वाले कश्मीर में लॉन्च पैड पर तैयार हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सीमा पार से घुसपैठ की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एक बहुआयामी नीति को अपनाया है।
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'सरकार ने अपनाई एक बहुआयामी सुरक्षा नीति'
उन्होंने कहा कि सरकार की इस नीति में एलओसी जैसी देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बहुस्तरीय तैनाती, सीमा पर बाड़ लगाना,बेहतर इंटेलिजेंस और ऑपरेशनल समन्वय, सुरक्षा बलों को आधुनिक अधियारों से लैस करना और घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना शामिल है।
इस सवाल पर कि क्या पाकिस्तान ने एलओसी पर बुनियादी ढांचे का निर्माण किया है और क्या आतंकियों ने लॉन्चपैड से घुसपैठ की कोशिशें की हैं, केंद्रीय मंत्री राय ने कहा कि मांगी गई जानकारी राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित है। राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में इसे साझा नहीं किया जा सकता।