तमिलनाडु में चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार पर करारा हमला बोला है। देश में एलपीजी संकट को लेकर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के गलत फैसलों के कारण एलपीजी की गंभीर कमी सामने आई है। 28 फरवरी से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के तेज होने के बाद एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति की खबरें सामने आई हैं।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने रविवार को केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उनकी गलत नीतियों के कारण देश में एलपीजी सिलिंडरों की भारी कमी हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास न तो कोई स्पष्ट योजना थी और न ही समय रहते एहतियाती कदम उठाए गए, जिसकी वजह से आम लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीएम स्टालिन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि केंद्र सरकार पहले से ही अपनी विदेश नीति को लेकर फेलियर मॉडल के रूप में जानी जा रही है, और अब गलत फैसलों की वजह से देश में सिलिंडरों की गंभीर कमी पैदा हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संकट का सबसे ज्यादा असर छोटे व्यवसायों, होटल-रेस्तरां और आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
एसपीए ने तमिलनाडु में किया विरोध-प्रदर्शन
मुख्यमंत्री ने बताया कि एलपीजी सिलिंडरों की कमी के विरोध में डीएमके के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) ने पूरे तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शन किया। इस गठबंधन में कांग्रेस, वाम दल और वीसीके जैसे दल शामिल हैं। इन पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार से तुरंत कदम उठाने की मांग की।
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समस्या का केंद्र सरकार तुरंत करे समाधान- स्टालिन
सीएम स्टालिन ने कहा कि लोगों में बढ़ते गुस्से को देखते हुए केंद्र सरकार को तुरंत इस समस्या का समाधान करना चाहिए और एलपीजी की आपूर्ति सामान्य करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आम जनता और छोटे कारोबारियों को और ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण गैस की सप्लाई प्रभावित
दरअसल, 28 फरवरी के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है, जिससे देश में घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के एलपीजी सिलिंडरों की उपलब्धता प्रभावित हुई है। इसी वजह से कई राज्यों में सिलेंडर की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं।