कौन हैं न्यायमूर्ति भुइयां?
दो अगस्त, 1964 को जन्मे न्यायमूर्ति भुइयां को 17 अक्टूबर, 2011 को गौहाटी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था और वह अपने मूल उच्च न्यायालय (गौहाटी) के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। वह 28 जून, 2022 से तेलंगाना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान न्यायमूर्ति भुइयां ने कानून के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण अनुभव हासिल किया है। उन्होंने कराधान के कानून में विशेषज्ञता और डोमेन ज्ञान हासिल किया है। उन्होंने बंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में भी काम किया है और कराधान सहित कई मामलों को निपटाया है।
कॉलेजियम ने कहा, उनके फैसले कानून और न्याय से संबंधित व्यापक मुद्दों को कवर करते हैं। न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां ईमानदारी और योग्यता के साथ अच्छी प्रतिष्ठा वाले न्यायाधीश हैं।
कौन हैं न्यायमूर्ति भट्टी?
न्यायमूर्ति भट्टी का जन्म 6 मई, 1962 को हुआ था। उन्हें 12 अप्रैल, 2013 को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था और वह अपने मूल उच्च न्यायालय में सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। कॉलेजियम ने कहा कि अगस्त 2022 से आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट का सुप्रीम कोर्ट की बेंच में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। न्यायमूर्ति भट्टी को मार्च, 2019 में केरल उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया था और एक जून, 2023 से वह वहां मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं। आंध्र प्रदेश के उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और बाद में केरल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान न्यायमूर्ति भट्टी ने कानून की विभिन्न शाखाओं में काफी अनुभव हासिल किया है।
कॉलेजियम ने तीन हाईकोर्ट न्यायाधीशों के स्थानांतरण को दोहराया
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इच्छित पोस्टिंग के आवेदनों के बावजूद विभिन्न उच्च न्यायालयों के तीन न्यायाधीशों के स्थानांतरण के लिए अपनी पूर्व सिफारिशों को दोहराया। कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति गौरांग कंठ को कलकत्ता हाईकोर्ट, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह को केरल उच्च न्यायालय और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश मनोज बजाज को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने की अपनी सिफारिश को दोहराया।