पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पेश किया हलफनामा
पंजाब में बढ़ रहे अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई के बारे में पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर जानकारी दी है। गुरुवार को पंजाब सरकार ने शीर्ष कोर्ट में बताया कि राज्य में आबकारी विभाग अवैध देशी शराब के निर्माण और इस्तेमाल के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चला रहा है। इन नियमित अभियानों के क्रम में राज्य में लोगों को अवैध शराब को लेकर जागरुक किया जा रहा है। सरकार ने यह भी बताया कि सरकार ही स्टेट एक्साइज फोर्स में खाली पदों को भरने जैसे कुछ अन्य दीर्घकालिक कदम भी उठा रही है।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब में बढ़ते अवैध शराब के कारोबार पर चिंता व्यक्त की थी। इसके साथ ही सरकार से इस कारोबार पर लगाम लगाने के संबंध में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देने को भी कहा था। गुरुवार को न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति सी टी रविकुमार की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अजय पाल के साथ राज्य की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार सिन्हा ने इस संबंध में उठाए गए कदमों का उल्लेख किया।
सुप्रीम कोर्ट में राज्य के आबकारी और कराधान विभाग के हलफनामे में कहा गया है कि शराब के अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान शुरू चलाया जा रहा है। इसमें विभाग की पहले से मौजूद इनाम योजना को लोकप्रिय बनाने सहित अन्य माध्यमों से घर में बनी अवैध शराब के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाई जा रही है। हलफनामे में कहा गया है कि केबल टीवी सहित स्थानीय प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से जागरूकता युद्ध स्तर पर की जाएगी। जहां भी आवश्यक होगा, सोशल मीडिया का भी उपयोग किया जाएगा।
शीर्ष अदालत में दायर एक अलग हलफनामे में बताया कि पंजाब आबकारी अधिनियम, 1914 के तहत दर्ज मामलों की जांच की निगरानी के लिए राज्य स्तर पर एक अधिकारी को नामित किया गया है। यह अधिकारी महानिरीक्षक रैंक के पुलिस अधिकारी होगा।