यू-विन (U-WIN) पर टीकाकरण सेवाओं, टीकाकरण की ताजा स्थिति, वितरण, नियमित टीकाकरण सत्र कराने की योजना और एंटीजन-वाइज कवरेज (Antigen-Wise Coverage) जैसी जानकारी जुटाई जाएगी।
भारत सरकार ने Co-WIN प्लेटफॉर्म की सफलता के बाद अब गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण और टीकाकरण के उद्देश्य से U-WIN नाम से नया कार्यक्रम लॉन्च किया है। भारत के यूनिवर्सल टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) को डिजिटाइज करने के इस कार्यक्रम को प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के दो जिलों में पायलट मोड में शुरू किया गया है। सूत्रों ने बताया कि इस मंच का इस्तेमाल गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण और टीकाकरण करने, प्रसव को रिकॉर्ड करने, नवजात को पंजीकृत करने, जन्म के बाद टीके की खुराक देने और अन्य टीकाकरण कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा।
विज्ञापन
यू-विन (U-WIN) पर टीकाकरण सेवाओं, टीकाकरण की ताजा स्थिति, वितरण, नियमित टीकाकरण सत्र कराने की योजना और एंटीजन-वाइज कवरेज (Antigen-Wise Coverage) जैसी जानकारी जुटाई जाएगी। सूत्रों ने बताया कि U-WIN पर सभी गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के टीकाकरण के लिए व्यक्तिगत ट्रैकिंग, आगामी खुराक के लिए रिमाइंडर और ड्रॉपआउट के फॉलो-अप के लिए डिजिटल पंजीकरण किया जा सकेगा। एक अधिकारी ने बताया कि बेहतर योजना और टीका वितरण के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता और कार्यक्रम प्रबंधक नियमित टीकाकरण सत्र और टीकाकरण कवरेज का रियल टाइम डाटा उत्पन्न करने में सक्षम होंगे।
65 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरुआत
गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए आभा आईडी (आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता) के तहत टीकाकरण कार्ड बनाया जाएगा और सभी राज्य और जिले के लाभार्थियों को ट्रैक करने और टीकाकरण करने के लिए एक सामान्य डेटाबेस तक पहुंच सकते हैं। अधिकारी ने बताया कि इस मंच के जरिए लोग नियमित टीकाकरण सत्र की जांच करने के साथ अप्वाइंटमेंट बुक कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 65 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यू-विन को शुरू किया गया है और कर्मचारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को इसके लिए प्रशिक्षित किया गया है। इससे रिकॉर्ड सहित पूरी टीकाकरण प्रणाली डिजिटल हो जाएगी, जिससे लाभार्थियों को ट्रैक करना आसान हो जाएगी।
विज्ञापन
फिजिकल रिकॉर्ड रखने की परेशानी होगी दूर
यूआईपी के तहत टीकाकरण रिकॉर्ड को अब तक मैन्युअल रूप से बनाए रखा जा रहा है। यह फिजिकल रिकॉर्ड रखने की परेशानी को दूर करेगा। यह डिजिटलीकरण और वास्तविक समय के आधार पर टीकाकरण की स्थिति को अपडेट करने में सक्षम होगा। लाभार्थी पहले से टीकाकरण के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे। एक अधिकारी ने बताया कि पूरे टीकाकरण कार्यक्रम का डिजिटलीकरण होने के बाद लाभार्थियों को मौके पर ही प्रमाण पत्र मिल जाएंगे और वे उन्हें डाउनलोड भी कर सकते हैं। इन प्रमाणपत्रों को डिजी-लॉकर्स में रखा जाएगा।