सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार
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केंद्र सरकार ने बुधवार को अधिसूचित घुमंतू और अर्ध घुमंतू जनजातियों को बेहतर कोचिंग, स्वास्थ्य बीमा और मकान की सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए पहल की है। सामाजिक न्याय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने इसके लिए एक पोर्टल भी लांच किया है। इस पोर्टल पर इन जनजातियों के पंजीकरण आदि की सुविधा दी जाएगी। इस पोर्टल पर जनजातियों का डेटा आदि इकट्ठा किया जाएगा।
विभिन्न सुविधाएं मिलेंगी
इस योजना के तहत विमुक्त जनजातियों (DNT),अर्ध-घुमंतू जनजातियों और खानाबदोश जनजातियों को आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी। सरकार इन जनजातियों के छात्रों को सिविल सेवा, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग प्रदान करेगी। इसके साथ ही उन्हें स्वास्थ्य बीमा, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश और आवास आदि की भी सुविधा दी जाएगी।
पोर्टल को लांच करते हुए मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि यह योजना जनजातियों के विकास की शुरुआत भर है, जो हमेशा से हाशिये पर रहे हैं और सबसे अधिक नजरअंदाज किए गए हैं। ये जनजातियां अब तक अभाव में ही जीवन यापन कर रहे हैं।
इतनी रकम की जाएगी खर्च
इस योजना के अंतर्गत पांच वर्षों में 6,250 छात्रों को मुफ्त कोचिंग दी जाएगी। इसके लिए 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पांच वर्षों में 4,44,500 परिवारों का बीमा कराया जाएगा। इसके लिए 49 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा पांच वर्षों में 50 करोड़ की तागत से 4,200 घरों का निर्माण किया जाएगा। सरकार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 2 हजार क्लस्टर का निर्माण करेगी। इससे इन जनजातियों के लिए रोजगार की व्यवस्था की जाएगी।