डेरेक ओ ब्रायन ने क्या कहा
टीएमसी के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने उन दावों को खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि राज्य सरकार ने केंद्र के कोष के लिए 'उपयोगिता प्रमाण पत्र' जमा नहीं कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि केद्र राज्य को इसलिए निशाना बना रहा है, क्योंकि वहां भाजपा विरोधी पार्टी का शासन है।केंद्र के बकाए को लेकर ब्रायन ने कहा, "यह राजकोषीय संघीय आतंकवाद है। यह और कुछ नहीं, बल्कि भाजपा की ओर से पश्चिम बंगाल को निशाना बनाने का प्रयास है। भाजपा टीएमसी का राजनीतिक रूप से मुकाबला करने में नाकाम रही है।"
उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने में नहीं बरती कोई ढिलाई: कुणाल घोष
पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने कहा, "2011 में राज्य में टीएमसी के सत्ता में आने के बाद से उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने में कोई ढिलाई नहीं बरती गई है।" उन्होंने कहा, "हम 2002-03 से 2010-11 के दौरान की जिम्मेदारी नहीं ले सकते, क्योंकि तब राज्य में वाम मोर्चा की सरकार थी।"
कैग की रिपोर्ट को ममता ने बताया 'झूठ'
वहीं, मुख्यमंत्री बनर्जी ने सरकारी कोष (फंड) के इस्तेमाल को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट को 'झूठ से भरी हुई' बताया। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। भाजपा ने कैग की रिपोर्ट के हवाले से आरोप लगाते हुए टीएमसी शासित राज्य को सभी घोटालों की जननी करार दिया था। पार्टी ने राज्य में दो लाख करोड़ रुपये के घोटाले होने का आरोप लगाया था। मुख्ममंत्री बनर्जी बीते 48 घंटो से केंद्र से राज्य के बकाए को जारी करने की मांग को लेकर धरने पर बैठीं हैं। इस बीच, उन्होंने घोषणा की कि उनकी सरकार 21 फरवरी तक पश्चिम बंगाल के 21 लाख मनरेगा मजदूरों के बैंक खाते में सीधे पैसा ट्रांसफर करेगी।
अदालत का रुख क्यों नहीं करती राज्य सरकार: भाजपा नेता
राज्य के एक भाजपा नेता सजल घोष ने सवाल किया कि बनर्जी सरकार ने केंद्र की ओर से कथित बकाया राशि जारी न हो ने पर अदालत का दरवाजा क्यों नहीं खटखटाया। वहीं, माकपा नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि सरकार को कैग की रिपोर्ट पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, टीएमसी ने श्वेत पत्र जारी नहीं किया है।