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केंद्र के कड़े निर्देश अब पालतू जानवर बेचने के लिए पंजीकरण कराना होगा जरूरी

Thu, 13 Sep 2018 02:51 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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केंद्र सरकार ने पालतू जानवर बेचने वाली दुकानों के लिए नए नियम बनाए हैं। जिसके अनुसार देशभर में मौजूद सभी पशु आवास और देखभाल केंद्रों के लिए मानक तय किए गए हैं। सरकार द्वारा अधिसूचित किए गए इन नियमों के तहत जानवरों के रख-रखाव के लिए कुछ मानक तय किए गए हैं। अब ऐसे प्रतिष्ठानों को चलाने के लिए राज्य पशु कल्याण बोर्ड से 60 दिनों के अंदर पंजीयन प्रमाणपत्र प्राप्त हासिल करना होगा। 

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यदि दुकानदार निश्चित समयसीमा के अंदर पंजीयन करवाने में असफल रहा तो उसकी दुकान को सील कर दिया जाएगा। वहां मौजूद जानवरों को बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त किसी पशु कल्याण संगठन में भेज दिया जाएगा। नए नियम आवास, आधारभूत संरचना, आवास, सामान्य देखभाल, पशु चिकित्सा देखभाल और अन्य परिचालन आवश्यकताओं के मानकों मुहैया करवाना है।

पशु अधिकार संगठनों ने केंद्र सरकार के इस फैसले की सराहना की है। उनका कहना है कि यदि नियमों को ठीक तरह से लागू किया गया तो इससे जानवरों पर होने वाली क्रूरता पर रोक लगेगी। वहीं पशु अधिकार संगठन का कहना है कि इससे ठीक तरह से पशुओं की देखभाल हो सकेगी। नए नियम के अनुसार भारत में पालतू जानवरों को खरीदने और बेचने में लगी दुकानों में पशुओं को रखने और उनकी देखभाल के लिए नए मानक तय किए गए हैं। 
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पर्यावरण मंत्रालय द्वारा 6 सिंतबर को पशुओं के खिलाफ क्रूरता रोकथाम (पालतू पशुओं की दुकान) अधिनियम, 2018 अधिसूचित किया गया है। केंद्र सरकार के नए नियम के अनुसार पंजीकृत जानवरों को बेचने वाली हर दुकान को सालभर में हुई खरीद और बिक्री का ब्यौरा एक रिपोर्ट बनाकर पशु कल्याण बोर्ड को देना होगा। इस ब्यौरे में खरीद और बिक्री से संबंधित सारा हिसाब होगा।

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