देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में उछाल के बाद केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, आइसोलेशन बेड और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पांच जून को अस्पताल स्तर पर मॉक ड्रिल कराने का फैसला लिया है। साथ ही राज्यों से निगरानी बढ़ाने के लिए भी कहा है। जानकारी के अनुसार, देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में उछाल के चलते बीते दो और तीन जून को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान संक्रमण प्रभावित सभी जिलों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि देश में कुल सक्रिय मामले 4,302 हैं, जिनमें से पिछले 24 घंटों में 864 नए मामले सामने आए। ज्यादातर संक्रमण हल्के हैं और घर पर ही इलाज हो रहा है। इस साल अब तक कुल 44 मौतें हुई हैं, जिनमें अधिकतर मरीज पहले से अन्य बीमारियों से पीड़ित थे।
निगरानी बढ़ाने के आदेश
बीते दो जून को सभी राज्यों में ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणाली को लेकर हुई मॉक ड्रिल भी सफल रही है। इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मंत्रालय ने तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल कराने और निगरानी बढ़ाने पर जोर देने के लिए राज्यों से कहा है। भारत की स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों ने मौजूदा तैयारियों के बारे में जानकारी दी।
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हर राज्य जनता से करे अपील कोविड व्यवहार अपनाएं लोग
बैठक में सभी राज्यों से कहा है कि प्रत्येक क्षेत्र में लोगों को कोविड व्यवहार अपनाने की अपील की जाए। लोगों ने साल 2020 से 2022 तक इस व्यवहार को काफी अपनाया है और उससे संक्रमण को कमजोर भी किया है। ऐसे में फिर से लोगों को हाथ धोने, खांसी-छींकों के शिष्टाचार का पालन करने और बीमारी की स्थिति में भीड़भाड़ से बचने पर ध्यान देना होगा। लक्षण गंभीर होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेने को कहा गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोरोना संक्रमण को लेकर देश में अभी हालात चिंताजनक नहीं है। सभी प्रभावित जिलों के हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है। लोगों को किसी भी भयावह या खौफ पैदा करने वाली खबर पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
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