कोविड-19 की वजह से मौतों की बढ़ती संख्या के बीच, केंद्र सरकार ने राज्यों को कुशलतापूर्वक और प्रभावी रूप से नैदानिक चरण में मामलों को प्रबंधित करने में मदद करने के लिए कई उपाय किए हैं। खासतौर पर उन लोगों के लिए जो गंभीर रूप से बीमार हैं या उन्हें गहन देखभाल की जरूरत है।
गुरुवार को राज्यों के साथ कैबिनेट सचिव की बैठक के दौरान उठाई गई चिंताओं के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। इस बैठक में बढ़ती मृत्यु दर को लेकर चर्चा की गई थी, वहीं कई राज्यों ने मानक और प्रभावी नैदानिक मार्गदर्शन सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय विशेषज्ञता की मांग की।
चर्चा के बाद, केंद्र ने राज्यों को कोरोना वायरस मामलों का प्रबंधन और नैदानिक सलाह प्रदान करने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली में एक विशेषज्ञ समूह का गठन किया। इसके अलावा प्रत्येक राज्य से नोडल अधिकारी/डॉक्टर के साथ एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है।
यह भी पढ़ें: दुनिया में 78 लाख से ज्यादा संक्रमित, ब्राजील में पुरानी कब्रों से निकालनी पड़ रहीं हड्डियां
इस तरह के उपायों पर प्रकाश डालते हुए, स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन ने राज्यों को आईसीयू में गंभीर मामलों का कुशलता से प्रबंधन करने और मौतों को कम करने के लिए राज्य स्तर पर इसी तरह के विशेषज्ञ समूह और नैदानिक प्रबंधन केंद्र बनाने को कहा है।
सूदन ने शुक्रवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे एक पत्र में कहा कि इन सभी उपायों का उद्देश्य कोविड-19 मामलों के प्रभावी नैदानिक प्रबंधन और मौतों को कम करना है। पत्र में उन्होंने कहा कि मुझे आशा है कि आप इन उपायों को राज्य की जरूरतों के हिसाब से अपनाकर और कोविड-19 मामलों के बीच मौत की संख्या को कम करने में प्रयोग करेंगे।
शनिवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार सुबह आठ बजे से पिछले 24 घंटे में 11,458 नए मामले और 386 मौतें दर्ज कीं। इस तरह संक्रमितों की संख्या तीन लाख के पार पहुंच गई और मृतकों की संख्या बढ़कर 8884 हो गई।