देश में विभिन्न जातियों और समुदायों की ओर से उन्हें अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की मांग की जाती है। हालांकि, इनमें किसी की ओर से विशेष रूप से सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग नहीं की जाती। लोकसभा में बुधवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी। दरअसल, सरकार से इस मामले में एक लिखित सवाल पूछा गया कि क्या उन्हें इस बात की जानकारी है कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण के लिए विभिन्न समुदायों की ओर से लगातार मांग की जा रही है?
केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि केंद्र सरकार वर्तमान में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, दिव्यांग व्यक्ति और पूर्व सैनिक को आरक्षण का लाभ देती है।