केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया (file photo)
- फोटो : ट्विटर/मनसुख मंडाविया
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार न केवल स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र खोलकर "सभी के लिए" दृष्टिकोण का पालन कर रही है, बल्कि अधिक मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से चिकित्सा पेशेवरों और उनके प्रशिक्षण को भी सुनिश्चित कर रही है। मंडाविया ने यह टिप्पणी यहां केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार की उपस्थिति में कर्नाटक के मैसूर और महाराष्ट्र के चंद्रपुर में दो सीजीएचएस स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों (एचडब्ल्यूसी) का डिजिटल उद्घाटन करने के बाद की।
कार्यक्रम में मंडाविया ने कहा कि दो एचडब्ल्यूसी कर्नाटक और महाराष्ट्र के लोगों को अच्छी चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मैसूर और चंद्रपुर में सीजीएचएस एचडब्ल्यूसी खोलने पर लाभार्थियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे कर्मचारियों और सेवानिवृत्त अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना हमारी सरकार की जिम्मेदारी है। मंडाविया ने कहा कि ये केंद्र चिकित्सा सेवाओं को प्राप्त करने में आसानी को बढ़ाने में मदद करेंगे और इस बात पर प्रकाश डाला कि सीजीएचएस केंद्रों की संख्या 2014 में 25 से बढ़कर आज 77 हो गई है।
उन्होंने कहा कि देश के दूर-दराज के हिस्से तक पहुंचने के लिए टेलीकंसल्टेशन और एबीडीएम (आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन) जैसे डिजिटल पहली की गई है। जनऔषधि केंद्र स्थापित किए गए हैं और आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई है। केंद्र सरकार विभिन्न सुधार कर रही है ताकि सभी के लिए स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सके।
इस अवसर पर स्वास्थ्य राज्य मंत्री पवार ने कहा कि केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) पेंशनभोगियों को मजबूत कवरेज देगी और इन केंद्रों में नए नवाचारों और प्रथाओं को शामिल किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार ने सीजीएचएस के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए कई उपाय किए हैं। सरकार ने देश के प्रत्येक नागरिक के कल्याण के लिए पीएमजेएवाई, पीएम-एबीएचआईएम और एचडब्ल्यूसी जैसी कुछ महत्वाकांक्षी पहलें शुरू की हैं।