यात्रा अवकाश रियायत के तहत केंद्र सरकार के पात्र कर्मचारियों को एलटीसी का लाभ उठाने पर सवैतनिक अवकाश के अलावा आने-जाने के टिकटों की प्रतिपूर्ति भी मिलती है। केंद्र सरकार के पात्र कर्मचारी अपने गृह नगर जाने के बदले में जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर, लद्दाख, और अंडमान निकोबार जाने के लिए एलटीसी का फायदा ले सकते हैं।
केंद्र ने पूर्वोत्तर, लद्दाख, अंडमान निकोबार द्वीप समूह और जम्मू-कश्मीर की यात्रा के लिए अपने कर्मचारियों को मिलने वाली एलटीसी (यात्रा अवकाश रियायत) की सुविधा दो साल के लिए बढ़ा दी है। अब केंद्रीय कर्मचारी इसका 25 सितंबर, 2024 तक इसका लाभ उठा सकेंगे। इससे पहले साल 2020 में भी केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाली इस सुविधा की अवधि में दो साल की बढ़ोतरी की थी।
विज्ञापन
यात्रा अवकाश रियायत के तहत केंद्र सरकार के पात्र कर्मचारियों को एलटीसी का लाभ उठाने पर सवैतनिक अवकाश के अलावा आने-जाने के टिकटों की प्रतिपूर्ति भी मिलती है। केंद्र सरकार के पात्र कर्मचारी अपने गृह नगर जाने के बदले में जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर, लद्दाख, और अंडमान निकोबार जाने के लिए एलटीसी का फायदा ले सकते हैं। इसके अलावा गैर पात्र सरकारी कर्मचारियों के लिए हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी। कर्मचारी अब इन क्षेत्रों की यात्रा करने के लिए निजी एयरलाइन से भी जा सकेंगे।
कार्मिक मंत्रालय ने इस बारे में आदेश भी जारी कर दिया है। कार्मिक मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि योजना को 25 सितंबर 2022 से 26 सितंबर 2024 तक दो साल की अवधि के लिए एक बार फिर बढ़ा दिया गया है।
विज्ञापन
बयान में मंत्रालय ने यह भी कहा हा कि जो सरकारी कर्मचारी हवाई यात्रा करने के हकदार नहीं हैं, वे भी अब किसी भी एयरलाइन द्वारा अपने मुख्यालय से सीधे उत्तर पूर्व, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में किसी भी स्थान पर इकोनॉमी क्लास में हवाई यात्रा करने कर सकेंगे।
इसके साथ ही मंत्रालय ने कर्मचारियों को चेतावनी भी दी है कि एलटीसी के किसी भी दुरुपयोग को गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।