विदेश या देश के भीतर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए नौकरशाहों को पांच साल के ऐसे कार्यकाल के बाद प्रतिनियुक्ति भत्ता नहीं मिलेगा। नियमों के अनुसार, अपने राज्य कैडर से बाहर या विदेश में अधिकारियों की केंद्रीय तैनाती के लिए सामान्यतऱ् अधिकतम सात साल (पांच जमा दो साल) का प्रावधान है। कार्मिक मंत्रालय की ओर से हाल ही में जारी आदेश में कहा गया कि यदि नियुक्त अधिकारी आर्थिक लाभ लेने का विकल्प चुनता है तो प्रतिनियुक्ति भत्ते की मंजूरी पांचवें साल तक के लिए होगी।
अधिकारियों ने कहा कि यह फैसला अधिकारियों द्वारा केंद्रीय तैनाती की अवधि से अधिक समय तक रुकने पर रोक लगाने के लिए लिया गया है।
इनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा समेत अन्य सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि सरकार ने कुछ ऐसे मामलों पर गौर किया है, जिनमें संबंधित मंत्रालयों द्वारा ‘अनिवार्यताओं’ का हवाला देते हुए अधिकारियों की केंद्रीय तैनाती का कार्यकाल अधिकतम सात साल की अवधि से भी ज्यादा बढ़ा दिया गया था। ऐसा खासतौर पर तब हुआ, जब वे विदेशों में कार्यरत थे।