महाराष्ट्र निकाय चुनाव को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भुनाने की भाजपा ने पूरी तैयारी कर ली है। इसके तहत प्रधानमंत्री सहित सभी वरिष्ठ नेताओं ने अपने भाषणों में पार्टी की सफलता को जोरशोर से शामिल करना शुरू भी कर दिया है। इसमें कोई कमी न रह जाए, इसलिए पार्टी ने 25 फरवरी को विजय दिवस के रूप में मनाने और देश के सभी जिलों में कार्यक्रम करने का फैसला किया है।
पार्टी नेतृत्व ने खासतौर से यूपी के शेष बचे तीन चरण के चुनाव से संबंधित जिलों में इसके लिए खास तैयारी करने का निर्देश दिया है। इस दौरान हालांकि पार्टी नोटबंदी के फैसले के बाद उड़ीसा सहित अन्य राज्यों के निकाय चुनाव में मिली सफलता को भुनाएगी, मगर इसके केंद्र में महाराष्ट्र के निकाय चुनाव ही होंगे।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक उत्तर प्रदेश में विपक्ष नोट बंदी के मामले में पार्टी और मोदी सरकार को निशाना बना रही है। चूंकि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी मानी जाती है। ऐसे में चुनाव परिणाम को नोट बंदी पर मुहर के रूप में प्रचारित करने में आसानी होगी। इसके अलावा पार्टी का यह भी तर्क है कि नोट बंदी के बाद पार्टी को चंडीगढ़, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात सहित अन्य राज्यों के निकाय चुनाव में भी सफलता हासिल हुई है।