नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (एनसीजीजी) के प्रमुख भरत लाल ने रविवार को कहा कि केंद्र एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बना रहा है, जहां 140 करोड़ भारतीयों में प्रत्येक नागरिक सरकारी नीतियों का लाभ उठा सकता है।
उन्होंने कहा कि सही प्रकार के शासन के अभाव में कोई भी सार्वजनिक नीति अपने उद्देश्य को प्राप्त नहीं कर सकती है और आज के युग में यदि इसे नवाचार (इनोवेशन) से नहीं मिलाया गया तो यह लक्ष्यों को हासिल करना लगभग असंभव है।
लाल ने कहा, सार्वजनिक नीति में लक्ष्य और उद्देश्य बहुत स्पष्ट होने चाहिए और हमें यह देखना होगा कि हर किसी को लाभ हो। उन्होंने कहा, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार इस तरह का पारिस्थितिकी तंत्र और अवसर बना रही है, जहां 140 करोड़ भारतीयों में प्रत्येक लाभ उठा सकता है।
हैदराबाद स्थित इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) में 'पब्लिक पॉलिसी, गर्वनेंस एंड इनोवेशन' विषय पर मुख्य भाषण देते हुए लाल ने कहा, पिछले साढ़े आठ वर्षों में पेयजल, बिजली, रसोई गैस जैसी विभिन्न सेवाओं के सार्वभौमीकरण के प्रयास किए गए। गांव और पंचायत स्तर पर इंटरनेट कनेक्शन अच्छे और सक्षम शासन का उदाहरण है।
एनसीजीजी के महानिदेशक भरत लाल ने आगे कहा, सरकार आम आदमी पर भारी सामाजिक आर्थिक असर वाली सभी केंद्रीय योजनाओं की सौ फीसदी परिपूर्णता हासिल करने के लिए मिशन मोड पर काम कर रही है।
लाल ने कहा, शासन, नीति और नवाचार (इनोवेशन) का सही मिश्रण चमत्कार पैदा कर सकता है। उन्होंने गुजरात की विकास गाधा का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, 1999-2000 में 1.02 फीसदी की आर्थिक वृद्धि और 2000-2001 में शून्य से 4.89 फीसदी की आर्थिक वृद्धि से गुजरात ने अगले दो दशकों में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दहाई अंकों में वृद्धि दर्ज की।
उन्होंने आगे कहा, इस अवधि के दौरान गुजरात ने न केवल पानी की कमी को समाप्त कर दिया है, बल्कि 2001 में कच्छ भूकंप के बाद जलवायु और आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे का निर्माण किया गया। फिर राज्य समावेशी विकास, दहाई अंकों की वृद्धि और विकास का एक चमकदार उदाहरण बन गया। अवसरों की भूमि निवेश और नवाचार के लिए एक समृद्धि और सामाजिक-आर्थिक विकास सुनिश्चित करती है।