प्लेटफॉर्म सर्विस चैनलों की सामग्री को साझा करने से मना करते हुए कहा गया है कि यदि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने यह पाया कि ऐसी सामग्री किसी दूसरे सेवा प्रदाता के प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध है तो मंत्रालय ऐसे कार्यक्रम का प्रसारण तत्काल रोक सकता है।
केंद्र सरकार ने डायरेक्ट टू होम (डीटीएच) सेवाओं के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सेवा प्रदाताओं के लिए उनके विशेष प्लेटफॉर्म सर्विस चैनलों (पीएस) की सामग्री को नियंत्रित कर दिया गया है।
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अब सेवा प्रदाताओं की कुल चैनल क्षमता का अधिकतम 5 फीसदी ही उनके पीएस चैनलों की संख्या हो सकती है। साथ ही पीएस चैनलों की सामग्री को दूसरे किसी सेवा प्रदाता के साथ प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से साझा नहीं किया जा सकता।
पीएस चैनलों की सामग्री को साझा करने से मना करते हुए कहा गया है कि यदि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने यह पाया कि ऐसी सामग्री किसी दूसरे सेवा प्रदाता के प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध है तो मंत्रालय ऐसे कार्यक्रम का प्रसारण तत्काल रोक सकता है। पीएस ऐसे चैनल हैं जो किसी खास सेवा प्रदाता द्वारा सिर्फ अपने ही ग्राहकों को दिखाए जाते हैं।
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उदाहरण के लिए अलग-अलग सेवा प्रदाताओं द्वारा प्रस्तुत एक्टिव सेवाएं पीएस चैनल होते हैं। प्लेटफॉर्म चैनलों की इस परिभाषा से दूरदर्शन और रजिस्टर्ड टीवी चैनलों और ऐसे विदेशी चैनल जो भारत में रजिस्टर्ड नहीं हैं, उन्हें बाहर रखा गया है।