केंद्र सरकार ने वन अधिकार कानून (एफआरए) 2006 को लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक महीने का जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इस अभियान का मकसद कानून के बेहतर निर्वहन और आदिवासी व वनवासियों की ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित करना है। मामले में केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पत्र जारी कर कहा है कि 1 जून से वन अधिकार कानून (एफआरए) 2006 को लेकर एक महीने का जागरूकता अभियान चलाया जाए। जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने अपने पत्र में कहा है कि यह अभियान राज्य और जिला स्तर पर चलेगा। इसकी अगुवाई जिला एफआरए सेल और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट करेंगी।
इसके अलावा, कई उपयोगी काम भी अभियान में शामिल होंगे जैसे कि वन अधिकार पट्टों (एफआरए Titles) का वितरण, लाभार्थियों को मिट्टी की जांच रिपोर्ट और खेती के लिए सहायता देना, पीएम-किसान, आधार पंजीकरण जैसी योजनाओं से जोड़ना, हर हफ्ते बैठक कर लंबित मामलों की समीक्षा करना। साथ ही मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि वे कृषि, मत्स्य, पंचायत विभाग और जिला कलेक्टरों के साथ मिलकर इसकी तुरंत तैयारी शुरू करें।
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