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फैसला: उग्रवादी समूह ZUF ने सरकार के साथ किया शांति समझौता, हिंसा छोड़ने को राजी; पढ़ें केंद्र की अहम खबरें

Tue, 27 Dec 2022 10:14 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की उपस्थिति में केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और जेडयूएफ के प्रतिनिधियों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
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एन बिरेन सिंह - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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भारत सरकार और मणिपुर सरकार ने एक दशक से अधिक समय से सक्रिय जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट (जेडयूएफ) के साथ मंगलवार को नई दिल्ली में शांति समझौता किया। इस समझौता के तहत उग्रवादी समूूह मणिपुर में शांति प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए सहमत हुआ है। गृह मंत्रालय ने बताया कि मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की मौजूदगी में केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और जेडयूएफ के प्रतिनिधियों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।

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गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सशस्त्र समूह जेडयूएफ के प्रतिनिधियों ने हिंसा छोड़ने और देश के कानून द्वारा स्थापित शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल होने पर सहमति जताई है। इस समझौते में जेडयूएफ के सशस्त्र कैडरों के पुनर्वास का प्रावधान है। समझौते के तहत बुनियादी नियमों के कार्यान्वयन की देख-रेख के लिए एक संयुक्त निगरानी समूह का गठन किया जाएगा।

बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाने और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में भारत सरकार ने पूर्वोत्तर में उग्रवाद को खत्म करने और विकास को बढ़ावा देने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
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सरकार का कुल कर्ज 147 लाख करोड़ रुपये पर
सरकार की कुल देनदारी सितंबर के अंत में बढ़कर 147.19 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इससे पहले जून तिमाही में यह 145.72 करोड़ रुपये थी। सार्वजनिक कर्ज के ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रतिशत के हिसाब से तिमाही आधार पर चालू वित्त वर्ष 2022-23 की दूसरी तिमाही में इसमें एक फीसदी की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल सितंबर के अंत में सार्वजनिक कर्ज, सकल देनदारी का 89.1 फीसदी रहा, जो 30 जून को समाप्त तिमाही में 88.3% था।

आईआईएफटी को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा देगी सरकार
सरकार ने भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी) को ‘राष्ट्रीय महत्व का संस्थान’ बनाने का प्रस्ताव किया है। इसका मकसद इसे वैश्विक उत्कृष्टता मानकों को हासिल करने के लिहाज से सशक्त बनाना है। आईआईएफटी की नई दिल्ली, कोलकाता और काकीनाडा में शाखाएं हैं और अभी यह मानद विश्वविद्यालय है। तत्कालीन सरकार ने 1963 में इसकी स्थापना एक स्वायत्त संगठन के तौर पर की थी।

ऑनलाइन गेमिंग के लिए आईटी मंत्रालय बना नोडल मंत्रालय
ऑनलाइन गेमिंग उद्योग के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को नोडल मंत्रालय नियुक्त किया गया है। ई-स्पोर्ट्स के लिए खेल विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। केंद्र सरकार ने हाल ही में कारोबार नियम आवंटन को संशोधित कर इस व्यवस्था को अधिसूचित किया है। सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने ट्विटर पर लिखा कि उनका मंत्रालय ऑनलाइन गेमिंग के कारोबार से जुड़ी मध्यवर्ती कंपनियों के लिए जल्द ही मानक लेकर आएगा।

15-20 लाख टन गेहूं बेचने पर विचार कर रही सरकार
गेहूं की बढ़ती खुदरा कीमतों पर काबू पाने के मकसद से सरकार, खुली बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत आटा मिलों जैसे थोक उपभोक्ताओं के लिए एफसीआई के भंडार से अगले साल 15-20 लाख टन गेहूं निकालने पर विचार कर रही है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 27 दिसंबर को गेहूं का औसत खुदरा मूल्य 32.25 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो एक साल पहले की अवधि में 28.53 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक है। गेहूं के आटे की कीमत भी एक साल पहले के 31.74 रुपये प्रति किलोग्राम की तुलना में 37.25 रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी रही।

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