सीपीडब्ल्यूडी ने प्रस्ताव में कहा कि सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना में उपराष्ट्रपति के लिए नया एनक्लेव भी शामिल है, जो 15 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा और इसमें 15 मीटर की अधिकतम ऊंचाई वाली पांच मंजिला इमारतें होंगी। वीपी एनक्लेव में 32 भवन होंगे।
लागत बढ़ाए जाने की जानकारी नहीं
सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च के कानूनी शोधकर्ता कांची कोहली ने अपने नए प्रस्ताव में प्रधानमंत्री के प्रस्तावित नए कार्यालय को छोड़ने के लिए सीपीडब्ल्यूडी के कदम पर कहा, पर्यावरण मंत्रालय को सौंपे गए दस्तावेज में इस बात की कोई जानकारी नहीं दी गई कि कुछ प्लाटों या कार्यालयों को बाहर रखा गया है और इसके बावजूद लागत क्यों बढ़ी है।
कोहली ने कहा कि सीपीडब्ल्यूडी का जवाब भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि क्या मौजूदा प्रस्ताव के किसी विकल्प पर विचार किया गया है या नहीं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी लेने से पहले इस तरह के विकल्पों को जानना भी जरूरी है।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 दिसंबर को नए संसद भवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन कर आधारशिला रख दी है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अभी इसके निर्माण कार्य पर रोक लगा रखी है। इस निर्माण कार्य को रुकवाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं लंबित हैं।