रामनवमी के जुलूसों के दौरान पश्चिम बंगाल में भड़की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। राज्य के कई इलाकों में अभी भी हालात का काबू नहीं पाया जा सका है। आसनसोल, रानीगंज, बर्धमान समेत कई जगहों हिंसा की लगातार खबरें सामने आ रही हैं। वहीं आसनसोल में इंटरनेट सर्विस पर बंद कर दिया गया है। साथ ही 60 संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
वहीं अब ममता सरकार और राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी आमने-सामने आ गए हैं। दरअसल, राज्यपाल के आसनसोल जाने के इरादे पर राज्य सरकार ने यह कह कर रोक लगा दी कि क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए उन्हें दौरे की सलाह नहीं दी जा सकती। रामनवमी के मौके पर राज्य के विभिन्न इलाकों में हुई हिंसा को ध्यान में रखते हुए राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
उन्होंने कहा है कि हर व्यक्ति को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी धार्मिक परंपराओं का पालन करना चाहिए। राज्यपाल ने बुधवार को यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य में कहीं हिंसा या दंगा नहीं होना चाहिए। लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी
धार्मिक परंपराओं का पालन करना चाहिए।
आपको बता दें कि पुरुलिया, आसनसोल, रानीगंज व कांकिनाड़ा में भड़की हिंसा के कारण तीन लोगों की मौत हो गई है। इसके साथ ही कई पुलिस वाले भी
घायल हुए हैं। साथ ही केंद्र ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। इस बीच आसनसोल में बुधवार को लगातार तीसरे दिन हिंसा की ताजा घटनाओं के बाद धारा 144 लागू कर दी गई है। सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कानून व व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में बड़े पैमाने पर पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (रैफ) के जवानों को भी तैनात किया गया है।