संसद के शीतकालीन सत्र के बेहद हंगामेदार होने की आशंका है। पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में घिरीं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा पर सोमवार को सत्र के पहले दिन ही फैसला हो सकता है। इस मामले की जांच करने वाली संसदीय समिति की रिपोर्ट सत्र के पहले ही दिन सदन में रखी जाएगी। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक समिति ने मोइत्रा को निष्कासित करने की सिफारिश की है।
सत्र के एजेंडे पर विचार के लिए सरकार की तरफ से शनिवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने महंगाई, बेरोजगारी, चीनी घुसपैठ, केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग व मणिपुर हिंसा का मुद्दा उठाया। सरकार ने कहा कि वह सभी सार्थक मुद्दों पर चर्चा को तैयार है, लेकिन विपक्ष को सदन में स्वस्थ माहौल बनाना होगा।
रचनात्मक बहस होनी चाहिए
सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने मीडिया से कहा, विपक्ष ने अल्पावधि, ध्यानाकर्षण और शून्यकाल की मांग की है। हम दोनों सदनों में लगभग नियमित रूप से शून्यकाल आयोजित करते हैं। अल्पावधि चर्चा भी होती है। उन्होंने कहा, यह 17वीं लोकसभा का आखिरी सत्र है। इसलिए रचनात्मक बहस होनी चाहिए। हम चाहते हैं कि सदन सुचारु ढंग से चले ताकि सरकार पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पांच साल के विकास कार्यों को सदन में रख सके। महुआ के सवाल पर जोशी ने कहा, इस पर फैसला स्पीकर करेंगे। नैतिकता पर अब तक जो मिसाल अपनाई गई है, उसका पालन होगा।
4 से 22 दिसंबर तक 15 बैठकें, 19 विधेयक
4 दिसंबर से 22 दिसंबर तक चलने वाले शीतकालीन सत्र में सदन की 15 बैठकें होंगी। इस दौरान विचार के लिए 19 विधेयक पेश किए जाएंगे। विधेयकों में भारतीय न्याय संहिता विधेयक 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक 2023 और भारतीय साक्ष्य विधायक 2023 शामिल होने की संभावना है। मुख्य चुनाव आयुक्त व चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के अलावा तीन विधेयक गृह मंत्रालय से संबंधित हैं। केंद्रीय विश्वविद्यालयों, सांविधानिक व्यवस्था पर भी एक विधेयक है। पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर में महिला आरक्षण कानून के प्रावधानों का विस्तार करने के लिए दो विधेयक सूचीबद्ध हैं।
सर्वदलीय बैठक में 23 दलों के 30 नेता
जोशी ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में संसद के पुस्तकालय भवन में हुई सर्वदलीय बैठक में पक्ष व विपक्ष के 23 दलों के 30 नेता शामिल हुए। इनमें केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, पीयूष गोयल, कांग्रेस सांसद जयराम रमेश, प्रमोद तिवारी, गौरव गोगोई, राष्ट्रवादी कांग्रेस की फौजिया खान, आरएसपी नेता रामचंद्रन, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माजी शामिल थीं।
मोइत्रा मामले में अधीर रंजन ने स्पीकर को लिखा पत्र
सांसद महुआ के समर्थन में कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिख कहा, सांसद को निष्कासित करना एक कड़ी कार्रवाई है। समिति की कार्रवाई की समीक्षा होनी चाहिए। मोइत्रा के खिलाफ भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने शिकायत की थी।