हर गांव में नौ तरह की जांच
नई सूची के तहत, देश के प्रत्येक गांव में नौ स्वास्थ्य जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ग्राम स्तर पर नैदानिक परीक्षणों की सूची में ब्लड ग्लूकोज, मलेरिया, परिधीय रक्त स्मीयर (फाइलेरियासिस के लिए गाढ़ा स्मीयर), एचआईवी और सिफलिस स्क्रीनिंग, टीबी के लिए बलगम जांच और रक्त के जरिये टीबी संक्रमण परीक्षण (टीएसटी/साइ-टीबी) जांच शामिल हैं। इनके अलावा, यूरिन एल्बुमिन और ग्लूकोज, यूरिन गर्भावस्था परीक्षण और परिधीय रक्त स्मीयर के लिए स्लाइड टेस्ट भी शामिल हैं।
30 हजार रुपये तक बचेंगे
केंद्र सरकार का अनुमान है कि सुविधाओं का विस्तार देने से मरीजों को राहत मिलेगी। गांव में जिन सुविधाओं को दिया जाएगा उनके लिए एक मरीज को कम से कम 500 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं, जबकि जिला अस्पतालों जैसी जांच के लिए मरीजों को 25 से 30 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं।
1.75 लाख आरोग्य मंदिरों में हेपेटाइटिस की जांच
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में 1,75,338 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में अभी 12 तरह की स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती हैं। मरीजों को ई-संजीवनी योजना के तहत डॉक्टर की सलाह वीडियो कॉल पर दिलाई जा रही है। नई सूची के तहत यहां हेपेटाइटिस संक्रमण के परीक्षण की सुविधा भी मिलेगी।