एक अधिसूचना में, गृह मंत्रालय ने कहा कि एनएलएफटी और एटीटीएफ का घोषित उद्देश्य पूर्वोत्तर राज्य के अन्य सशस्त्र अलगाववादी संगठनों के साथ गठबंधन में सशस्त्र संघर्ष के माध्यम से त्रिपुरा को भारत से अलग करके एक स्वतंत्र राष्ट्र की स्थापना करना है
त्रिपुरा में सक्रिय दो आतंकी संगठनों और इनके सभी धड़ों पर केंद्र सरकार ने मंगलवार को यूएपीए के तहत 5 साल के लिए प्रतिबंध बढ़ा दिया है। इनमें नेशनल लिब्रेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी) और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (एटीटीएफ) शामिल हैं। दोनों पर 1997 में पहली बार प्रतिबंध लगा था, इसे मई 2019 में 5 साल के लिए बढ़ाया गया था। ताजा कार्रवाई में फिर से 5 साल के लिए प्रतिबंध बढ़ाया गया है।
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त्रिपुरा में पिछले कुछ महीनों से हिंसा के बीच गृह मंत्रालय के द्वारा जारी ताजा नोफिकेशन के अनुसार यह संगठन अपना उद्देश्य त्रिपुरा को भारत से अलग करना बताते थे। वे त्रिपुरा के अन्य पृथकतावादी संगठनों के साथ गुट बनाकर सशस्त्र संघर्ष और त्रिपुरा के स्थानीय लोगों को भड़काना चाहते थे।
सैकड़ों की हत्या व अपहरण में शामिल हैं दोनों संगठन
त्रिपुरा पुलिस के अनुसार 1989 में बने एनएलएफटी ने 600 आम लोगों की हत्या, 700 अपहरण और हथियारों की लूट अंजाम दी है। 1990 में बने एटीटीएफ के 1633 आतंकियों ने 1993 में आत्मसमर्पण किया था, लेकिन बाकियों ने आतंकी गतिविधियां जारी रखीं। वे 300 हत्याएं व 200 अपहरण कर चुके हैं।