भाजपा सरकार अपराध और अपराधियों को लेकर हमेशा से सख्त रुख अपनाया हुआ है। वही, अब सरकार पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को और भी उन्नत बनाने की दिशा में काम कर रही है। जल्दी ही सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को एक नया प्लेटफार्म मुहैया कराया जाएगा। ये नया प्लेटफार्म तकनीकी रूप से और अधिक उन्नत, सुरक्षित और नए जमाने के अपराधियों और असामाजिक तत्वों से निपटने में मददगार होगा। बुधवार को गृहमंत्रालय के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
सरकार कर रही काम
उन्होंने बताया कि सरकार इस दिशा में काम कर रही है। इसमें इंटेलिजेंस ब्यूरो नोडल एजेंसी की भूमिका निभा रहा है। इस नए प्लेटफॉर्म में अपराध और अपराधियों के बारे में सारी जानकारी होगी। इसे देश भर के पुलिस स्टेशनों और विभिन्न जांच एजेंसियों द्वारा वास्तविक समय के आधार पर एक्सेस किया जा सकेगा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को पुलिस प्रौद्योगिकी के अधिकार प्राप्त संचालन समूह की एक हाई लेवल मीटिंग में इस प्रोजेक्ट पर हो रहे काम की प्रगति की समीक्षा की। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।
मंगलवार को हुई बैठक के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, खुफिया ब्यूरो के निदेशक अरविंद कुमार, डीआरडीओ (DRDO) के अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी, एनटीआरओ के अध्यक्ष अनिल धस्माना, सीबीआई निदेशक सुबोध कुमार जायसवाल, बीएसएफ के महानिदेशक पंकज सिंह, सीआरपीएफ के महानिदेशक कुलदीप सिंह और दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना समेत अन्य लोग शामिल थे।
पिछले साल पीएम मोदी ने गठित किया था पुलिस प्रौद्योगिकी मिशन
पिछले साल नवंबर माह में लखनऊ में हुए डीजीपी सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भविष्य की तकनीकों को पुलिस व्यवस्था में शामिल करने के लिए कहा था। उस दौरान उन्होने गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उच्चाधिकार प्राप्त पुलिस प्रौद्योगिकी मिशन का गठन किया गया था।
भारत सरकार के पास पहले ही एफआईआर दर्ज करने के लिए क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स प्लेटफार्म है। इसे देश भर के 16,347 पुलिस स्टेशन में लागू किया गया है। वहीं इसके साथ ही केंद्र सरकार के पास यौन अपराधियों पर नजर रखने के लिए एक राष्ट्रीय डेटाबेस है, इस पर देश में 10.69 लाख से अधिक यौन अपराधियों का विवरण और उनके प्रोफाइल कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए उपलब्ध हैं।
नेटग्रिड को ये एजेंसियां कर सकती हैं एक्सेस
साथ ही सरकार ने नेटग्रिड को भी तैयार कर लिया है। पहले चरण में 10 यूजर एजेंसियों और 21 सेवा प्रदाताओं को नेटग्रिड से जोड़ा गया है। इन एजेंसियों की नेटग्रिड के डाटा तक वास्तविक समय में पहुंच होगी। वहीं, अभी किसी भी राज्य की एजेंसियों को नैटग्रिड डाटा को एक्सेस करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिस केंद्रीय एजेंसियों को इसकी अनुमति होगी, उनमें आईबी, रिसर्च एंज एनालिसिस विंग(रॉ), सीबीआई, ईडी, राजस्व खुफिया निदेशालय, वित्तीय खुफिया इकाई, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, केंद्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क बोर्ड, केंद्रीय उत्पाद शुल्क और खुफिया महानिदेशालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो शामिल हैं