केंद्र सरकार साल 2025 तक देश से क्षय रोग (टीबी) को पूरी तरह से खत्म करने के लिए प्रयासरत है। इसी क्रम में केंद्र सरकार ने एक स्वास्थ्य कार्यक्रम के जरिये जनभागीदारी की मुहिम शुरू करने का फैसला लिया है। केंद्र सरकार की ये मुहिम जल्दी ही शुरू की जाएगी। इस मुहिम के तहत आम जनता और संस्थाएं टीबी से प्रभावित ब्लॉक, वार्ड या फिर टीबी के किसी मरीज को गोद लेंगे। जिसके बाद वे मरीज को अच्छा खाना, इलाज और रोजगार के लिए सहायता उपलब्ध करा सकेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार इसको लेकर बेहद गंभीर है और इस पर काम भी शुरू कर चुकी है। इसी क्रम में केंद्र सरकार ने इस मुहिम को लेकर 'मार्गदर्शक दस्तावेज' राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से साझा किया है। सूत्रों ने बताया कि इस मुहिम के तहत सहायता के लिए टीबी के मरीज से अनुमति भी लेनी पड़ेगी। मरीज की अनुमति के बाद ही उसे इस सहायता कार्यक्रम के लिए पंजीकृत किया जा सकेगा।
केंद्र सरकार ने इस कार्यक्रम को लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखा है। इस पत्र में केंद्र सरकार ने कहा है कि क्षय रोग के मरीजों को सामुदायिक इला और सहायता मुहैया कराने के लिए सभी तरह की सावधानियां बरतते हुए तैयारियां शुरू की जाएं। जिससे कि इन मरीजों को मिशन मोड में सामुदायिक सहायता मिल सके। सूत्रों के मुताबिक, जून के पहले सप्ताह में केंद्र सरकार अपनी इस पहल की औपचारिक घोषणा करेगी।
सरकार की इस जनभागीदारी की मुहिम में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, गैर सरकारी संगठनों, सरकारी और निजी संस्थानों या निजी तौर पर भी कोई व्यक्ति क्षय रोग (ट्यूबरकुलोसिस-टीबी) से पीडित मरीज की सहायता करने का जिम्मा उठाएगा।