एक जनवरी 2020 से लेकर एक जुलाई 2021 तक डीए-डीआर फ्रीज
कर्मियों का कहना था कि सरकार ने एक जनवरी 2020 से लेकर एक जुलाई 2021 तक के डीए-डीआर की बकाया राशि को लेकर कोई बात नहीं की। साथ ही यह आदेश भी जारी कर दिया कि एक जनवरी 2020 से लेकर एक जुलाई 2021 तक डीए-डीआर फ्रीज कर दिया गया था। उस अवधि में डीए की दरें नहीं बढ़ाई गई हैं। इन 18 महीनों में डीए की दर 17 फीसदी ही मानी जाए। कर्मियों का कहना था कि सरकार ने डीए-डीआर की बकाया राशि न देने के लिए 18 माह में डीए को एक ही दर पर रखा। जेसीएम ने सरकार से मांग की थी कि उक्त अवधि के दौरान जो कर्मी रिटायर हुए हैं या उनकी मौत हो गई है, उन्हें बढ़े हुए डीए का लाभ दिया जाए।
एक जनवरी 2020 से लेकर 30 जून 2021 के बीच रिटायर हुए कर्मियों को उनकी ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश का भुगतान, अब डीए की बढ़ी हुई दरों के आधार पर किया जाएगा। सरकार ने उक्त अवधि के दौरान रिटायर हुए कर्मियों को तीन श्रेणियों में बांट दिया है। उनकी ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश की गणना के लिए डीए की दर मूल वेतन का 21 फीसदी, 24 फीसदी और 28 फीसदी रहेगी। जो कर्मी एक जनवरी 2020 से 30 जून 2020 के बीच रिटायर हुए हैं, उनकी डीए दर 21 फीसदी रहेगी। ऐसे कर्मचारी, जो एक जुलाई 2020 से 31 दिसंबर 2020 के बीच रिटायर हुए हैं, उनकी डीए दर 24 फीसदी रहेगी। तीसरी श्रेणी के तहत जो कर्मी एक जनवरी 2021 से 30 जून 2021 के बीच रिटायर हुए हैं, उनकी डीए दर 28 फीसदी रहेगी।