कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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कोरोना महामारी के बीच ऑक्सीजन को लेकर खामियां उजागर होने के बाद केंद्र ने अब खुद जिम्मेदारी संभाल ली है। राज्यों में ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर केंद्र की ओर से रोजाना निगरानी शुरू हो चुकी है। जिला स्तर पर ऑक्सीजन आपूर्ति की देखरेख को लेकर टीमें भी गठित की जा रही हैं।
13 सितंबर के अंक में अमर उजाला ने देश में ऑक्सीजन का पर्याप्त उत्पादन होने के बावजूद अस्पतालों में आपूर्ति नहीं होने जैसी खामियों को उजागर किया था जिसके अगले दिन केंद्र ने संज्ञान लेते हुए पहले सात और फिर बाद में सभी राज्यों को व्यवस्थित योजना बनाने के साथ-साथ आपसी राजनीति को दूर रखते हुए एक दूसरे राज्य की मदद करने के निर्देश दिए थे।
बृहस्पतिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी तक देश में 6400 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा रहा था लेकिन अब यह आंकड़ा 6900 मीट्रिक टन तक पहुंच चुका है।
उन्होंने बताया कि देश में ऑक्सीजन की कमी नहीं है लेकिन राज्यों के पास एक बेहतर योजना की दिक्कत जरूर है जिसकी वजह से अस्पतालों तक आपूर्ति नहीं हो पा रही है। अब जिला स्तर पर पहले राज्य और फिर केंद्र के पास रिपोर्ट आ रही है।
पुराने बिलों का अधिकांश भुगतान पूरा
अधिकारी ने बताया कि कई राज्यों से मिली जानकारी के आधार पर ऑक्सीजन के पुराने बिलों का भुगतान किया जा चुका है। कुछ राज्यों से भी इस सप्ताह के अंत तक जानकारी आ जाएगी। दरअसल अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में राज्यों की आपसी खींचतान के अलावा बकाया बिलों का भुगतान न होने की वजह से भी वेंडर नए ऑर्डर नहीं लेने का खुलासा किया था।