केंद्र सरकार ने 9वें सिख गुरु श्रीगुरु तेग बहादुर के 400वें प्रकाशोत्सव को धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया है। अगले साल एक अप्रैल को आने वाले इस उत्सव को यादगार बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक 70 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। यह समिति आयोजन से जुड़े सभी तरह के फैसले लेगी।
वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, समिति के कार्यों में प्रकाशोत्सव की नीतियों, योजनाओं, कार्यक्रमों और पर्यवेक्षण व निर्देशन के अलावा उत्सव से जुड़े संपूर्ण कार्यक्रमों की विस्तृृत तारीखें तय करना शामिल है। सरकार ने समिति में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी जगह दी है। पीएम मोदी के अलावा केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, हरदीप सिंह पुरी भी इस समिति में शामिल किए गए हैं।
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के साथ ही हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, बिहार के सीएम नीतीश कुमार, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, तमिलनाडु के सीएम के पलानीस्वामी, महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र रावत, हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर, ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक और राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत भी समिति का हिस्सा रहेंगे।
अन्य प्रमुख सदस्यों के तौर पर लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, अकाली दल नेता प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल, एसजीपीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह लोंगोवाल, सेवानिवृत्त सेना प्रमुख जनरल जेजे सिंह, सेवानिवृत्त पूर्व वायुसेना प्रमुख वीरेंद्र सिंह धनोआ और ओलंपिक खिलाड़ी मिल्खा सिंह व पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह को शामिल किया गया है। केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला इस समिति के सदस्य सचिव रहेंगे।
समिति को समारोह के कार्यक्रमों के लिये विस्तृत तिथियों पर फैसला करने के अलावा जयंती समारोहों को दिशानिर्देशित करने वाली नीतियों, कार्यक्रमों और निगरानी की मंजूरी देने का अधिकार भी प्राप्त होगा।