केंद्र सरकार ने कर्मचारियों की प्रोन्नति के दौरान अनुसूचित जाति (एससी) व अनुसूचित जनजाति (एसटी) के आरक्षण नियमों को लागू कर दिया है। इसके लिए केंद्र सरकार ने शुक्रवार को अपने सभी विभागों और देश की सभी राज्य सरकारों को इसके लिए आदेश जारी कर दिया। ये कदम सुप्रीम कोर्ट के हालिया अंतरिम निर्णय के चलते उठाया गया है।
हालांकि कार्मिक मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आदेश में ये भी कहा गया है कि ये सभी प्रोन्नतियां सुप्रीम कोर्ट की तरफ से इस मामले में दिए जाने वाले आखिरी निर्णय पर निर्भर करेंगी। बता दें कि शीर्ष न्यायालय ने 5 जून को केंद्र सरकार को नियमों के तहत एससी-एसटी वर्ग के कर्मचारियों की प्रोन्नति में आरक्षण लागू करने की अनुमति दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने ये अनुमति केंद्र की तरफ से दाखिल की गई उस याचिका पर दी थी, जिसमें केंद्र ने विभिन्न हाई कोर्ट और खुद सुप्रीम कोर्ट की तरफ से 2015 में ऐसे ही एक मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेशों के चलते पूरी प्रोन्नति प्रक्रिया थम जाने की बात कही गई थी।
1992 में 5 साल की मिली थी छूट
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की 9 सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने इंदिरा साहनी मामले में 16 नवंबर, 1992 से अगले 5 साल के लिए प्रोन्नति में एससी-एसटी के आरक्षण नियम लागू करने का निर्देश दिया था। इसके बाद 2006 में एम. नागराज मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रोन्नति में आरक्षण के विचार को खारिज कर दिया था। लेकिन 11 साल बाद पिछले साल 15 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने माना था कि नागराज मामले में दिए गए निर्णय का पुनरीक्षण करने की जरूरत है।