केंद्र सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में बताया कि 14 साल तक के बच्चों पर कोरोना का असर कम है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने सदन को बताया कि अध्ययनों के मुताबिक बच्चों में वायरस का बहुत हल्का असर देखने को मिला है और अधिकतर मामलों में लक्षण ही नहीं दिखे। इस कारण बच्चों में कोरोना के प्रतिकूल असर को कम करने के लिए फिलहाल कोई विशेष कार्ययोजना तैयार नहीं की गई है।
डॉ हर्षवर्धन ने एक लिखित जवाब में बताया कि बहुत कम ही ऐसा हुआ कि कोरोना पीड़ित बच्चों की हालत अधिक बिगड़ी हो और जिनमें हुआ भी तो संक्रमित होने के तीन से छह हफ्ते के बाद। उन्होंने बताया कि एम्स का बालरोग विभाग बच्चों में कोरोना के दूरगामी असर पर अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
उन्होंने बताया कि कोरोना रोकथाम के लिए तीन चरण में कार्ययोजना चल रही है, जिसमें आइसोलेशन, कोविड केयर वार्ड शामिल हैं। वहीं हर्षवर्धन ने बातया कि शिक्षा मंत्रालय ने विद्यार्थियों को मानसिक सामाजिक मदद के लिए मनोदर्पण परियोजना भी शुरू की है।
इसमें शिक्षकों और अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। इसके तहत एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 8448440632 जारी किया गया है। जिस पर विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को टेली काउंसिलिंग के जरिये तनाव की स्थितियों से बाहर आने में मदद की जाती है।