बीएसएफ जवान की फेसबुक पर सेना द्वारा सीमा पर तैनात जवानों को घटिया खाना परोसे जाने की वीडियो वायरल होने के मामले में तेज बहादुर की याचिका पर केंद्र ने जवाब सौंपा। केंद्र ने कहा कि तेज बहादुर ने जो किया उससे दुश्मन मुल्कों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि खराब करने का मौका मिल गया।
एनआईए की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया कि तेज बहादुर की फेसबुक पर कई पाकिस्तानी दोस्त थे। उसकी तैनाती एलओसी पर थी और ऐसे में सेना के जवान का संवेदनशील इलाके में ड्यूटी के दौरान दुश्मन देश के एफबी मित्रों के संपर्क में रहना बेहद गंभीर विषय है। तेज बहादुर को 14 साल की सजा दी जा सकती थी। हालांकि इससे बहुत कम सजा बर्खास्तगी के रूप में दी गई है। केंद्र ने कहा कि दुश्मन राष्ट्र मौका ढूंढते हैं कि कैसे किसी राष्ट्र की छवि धूमिल की जाए और वह मौका तेज बहादुर ने उन्हें दे दिया।
तेज बहादुर ने एडवोकेट एसपी यादव के जरिये हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया है कि उसने बीएसएफ से वीआरएस के तहत स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति दिए जाने की मांग की थी। पहले उसे इसकी इजाजत दे दी लेकिन बाद में उसकी वीआरएस के आदेश को रद्द कर उसे सेवा से बिना कोई पूर्व नोटिस दिए ही बर्खास्त कर दिया गया।
याचिकाकर्ता ने अक्तूबर 2015 में उन्हें घटिया खाना दिए जाने की सैनिक सम्मेलन जिसे दरबार भी कहा जाता है, में इसकी शिकायत की थी। अक्तूबर 2016 में याचिकाकर्ता ने उसे वीआरएस दिए जाने की अर्जी संबंधित अथॉरिटी को भेज दी थी। दिसंबर 2016 उसका एफडीएल एडम बेस खेत में तबादला कर दिया गया था। यहां जवानों को बेहद घटिया खाना मिलता था। इसकी शिकायत करने के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ तो याचिकाकर्ता और उसके साथियों ने तय किया कि इस घटिया खाने की वीडियो बना सैनिक सम्मेलन में उच्च अधिकारियों को इसे दिखा उन्हें हालत की जानकारी देंगे।
तेज बहादुर ने बताया कि गत वर्ष 8 जनवरी को यह वीडियो बनाया गया, लेकिन उसे पता ही नहीं चला कि कब उसके साथियों ने यह वीडियो उसके फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट कर दिया। जो कुछ ही देर में देश भर में वायरल हो गया। 23 फरवरी को उसके खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी गई और 19 अप्रैल को उसकी बर्खास्तगी के आदेश जारी कर दिए गए।
इस फैसले को याचिकाकर्ता ने डीजीपी के समक्ष चुनौती भी दी थी, जिसे खारिज कर दिया गया। याचिका पर जारी नोटिस के जवाब में कोर्ट को केंद्र ने बताया कि सेना का कोई जवान कभी भूखे पेट नहीं सोता है। न तो याची ने सैनिक सम्मेलन में यह मुद्दा उठाया और न ही किसी सीनियर अधिकारी को शिकायत दी। साथ ही जांच के दौरान याची ने माना था कि उसने यह वीडियो अपलोड़ की है। केंद्र के इस जवाब पर याची ने उनका पक्ष रखने के लिए समय मांगा। हाईकोर्ट ने इसे मंजूर करते हुए सुनवाई 27 फरवरी तक स्थगित कर दी।
पाक- कनाडा समेत कई देशों के लोग थे जवान के फ्रेंड
गत वर्ष बीएसएफ जवान की फेसबुक पर पाकिस्तानी सहित सऊदी अरब, कनाडा, अमरीका, बांग्लादेश, रूस सहित कई देशों के लोग उसके फ्रेंड थे। यह जानकारी एनआईए ने जुटाई है। बताया गया है कि तेज बहादुर के फेसबुक पर 2941 दोस्त थे, जिनमें 18 लोग ऐसे हैं जो या तो पाकिस्तान में रहते हैं या मूल रूप से पाकिस्तान से हैं। हालांकि इनके बीच कनेक्शन होने की बात एनआईए ने नहीं पाई है लेकिन इसको खतरे का विषय बताया गया है।