जस्टिस केएम जोसेफ की सुप्रीम कोर्ट में वरीयता घटाने पर पैदा हुए विवाद पर सरकार ने कहा है कि हाईकोर्ट के जजों की वरीयता के सिद्धांत के आधार पर यह फैसला लिया गया। लिहाजा, जस्टिस जोसेफ, इंदिरा बनर्जी और विनीत सरन का शपथ ग्रहण तय कार्यक्रम व केंद्र की अधिसूचना में दिए वरीयता क्रम के मुताबिक मंगलवार को ही होगा।
इससे पहले सोमवार को कॉलेजियम के सदस्य जस्टिस एमबी लोकुर, एके सीकरी और कुरियन जोसेफ समेत कई जजों की ओर से सीजेआई दीपक मिश्रा के समक्ष वरिष्ठता क्रम को लेकर चिंता जताई गई। जस्टिस रंजन गोगोई को छोड़कर कॉलेजियम के बाकी सदस्यों ने चाय के दौरान सीजेआई से जस्टिस जोसेफ की वरीयता घटाने के केंद्र के फैसले का विरोध किया। सीजेआई ने उन्हें भरोसा भी दिलाया कि वह मामले को उठाएंगे।
सूत्रों की मानें तो शपथ ग्रहण कार्यक्रम में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे में ज्यादा कुछ नहीं किया जा सकता। लोकसभा में सोमवार को शून्यकाल के दौरान कांग्रेस सांसद के. वेणुगोपाल ने जस्टिस जोसेफ का नाम लिए बिना सरकार को घेरते हुए कहा कि केंद्र न्यायपालिका में हर नियुक्ति मनमर्जी से करना चाहता है।