रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि रबी सीजन की जरूरतों को पूरा करने के लिए देश में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं और सरकार सभी राज्यों की जरूरत के हिसाब से उर्वरक भेज रही है। सरकार ने कहा कि किसानों को रबी सीजन में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने देंगे। रबी की फसलें ज्यादातर अक्तूबर और नवंबर के दौरान बोई जाती हैं और उपज की परिपक्वता के आधार पर जनवरी से मार्च तक फसल काटी जाती है। मंत्रालय का बयान तमिलनाडु और राजस्थान में उर्वरकों की कमी का दावा करने वाली खबरों की पृष्ठभूमि में आया है। मंत्रालय ने कहा कि ऐसी खबरें तथ्यों से परे हैं।
मंत्रालय ने उर्वरकों के स्टॉक की उपलब्धता को भी सार्वजनिक किया
मंत्रालय ने उर्वरकों के स्टॉक की उपलब्धता को भी सार्वजनिक किया है। वे इस प्रकार हैं: रबी सीजन 2022-23 के दौरान पूरे देश में यूरिया की आवश्यकता 180.18 लाख टन होने का अनुमान है। दिनांक 16.11.2022 तक यथानुपात आवश्यकता 57.40 लाख टन है, जिसके विरुद्ध विभाग ने 92.54 लाख टन की उपलब्धता सुनिश्चित की है। इस दौरान यूरिया की बिक्री 38.43 लाख टन रही है। इसके अलावा, राज्यों के पास 54.11 लाख टन का क्लोजिंग स्टॉक पड़ा हुआ है। इसके अलावा, यूरिया संयंत्रों में 1.05 लाख टन और बंदरगाहों पर 5.03 लाख टन का स्टॉक उपलब्ध है, ताकि यूरिया की मांग को पूरा किया जा सके।