मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सोमवार को मिड-डे मील में तिथि भोजन के नियम तय कर दिए। इस संबंध में जल्द राज्य सरकारों के साथ नोटिफिकेशन सांझा किया की जाएगी। राज्यों में तिथि भोजन में केंद्र के नियम ही चलेंगे।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने तिथि भोजन को मिड-डे मील में शामिल करने की मंजूरी तो दे दी थी। लेकिन अब नियम व शर्तें तैयार कर ली है। जिला अधिकारी एनजीओ और पंचायत के माध्यम से तिथि भोजन योजना के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे।
जन्मदिन, शादी की सालगिरह, कक्षा में प्रथम आने, बच्चों की बेहतर उपलब्धि या घर में खुशी के अन्य मौकों पर लोग दावत देते हैं। लोगों को दावत देने की स्कूलों में जाकर छात्रों के साथ खुशियां साझा की जा सकती हैं। इसमें खाना, मिठायी, फल आदि मिड-डे मील के माध्यम से बच्चों को दिए जा सकते हैं।
यह समाज को जोड़ने की योजना है, ताकि सब मिलकर खुशियां साझा कर सकें। तिथि भोजन की शुरुआत गुजरात से हुई थी। केंद्र ने इसे मिड-डे मील से जोड़ दिया है, ताकि गरीब परिवारों के छात्रों को इस योजना का सीधा लाभ मिल सके।
- तिथि भोजन योजना में कैश या चेक स्वीकार्य नहीं होगा, दानकर्ता चाहे तो स्कूल के लिए वाटर फिल्टर, वाटर कूलर, फैन आदि दे सकता है।
- स्कूल प्रबंधन को तिथि भोजन के तहत मिलने वाले खाने के मेन्यू आदि का पूरा रिकार्ड रखना अनिवार्य होगा।
- शिक्षक या स्कूल मैनेजमेंट कमेटी पहले खाना खाकर जांच करेगी। उसके बाद छात्रों को बांटा जाएगा। इसमें साफ-सफाई का खास ध्यान रखना जरूरी होगा।
- सीलबंद डिब्बे से खाना देने से उसकी पैकिंग तिथि की जांच के साथ उसमें पौष्टिक तत्व होने जरूरी है।
- क्षेत्र के आधार पर छात्रों को पूरा खाना या मिठाई, फल दिए जा सकते हैं।
- छात्रों को सुबह की प्रार्थना सभा में तिथि भोजन देने वाले दानकर्ता के बारे में जानकारी देनी होगी।