केंद्र सरकार ने बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं की बाधा दूर करने की कवायद की है। विधि मंत्रालय ने ऐसी परियोजना से जुड़े विवादों के जल्द निपटारे के लिए राज्य सरकारों से विशेष अदालतें गठित करने को कहा है। दो साल पहले इससे जुड़े कानून में संशोधन किया गया था, जिसमें कहा गया था कि भारत और राज्यों में कारोबारी सुगमता की रैंकिंग सुधारना बेहद महत्वपूर्ण है।
विधि मंत्रालय ने इलाहाबाद, कर्नाटक और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उदाहरणों को देखते हुए अन्य उच्च न्यायालयों को सुझाव दिए हैं कि वह आधारभूत संरचना परियोजना के मुकदमे की पहले से सुनवाई कर रही विशेष अदालतों के लिए किसी एक दिन को विशेष दिवस तय करें।
विशेष राहत (संशोधन) कानून-2018 की धारा 20 बी के तहत विशेष अदालत की व्यवस्था है, लेकिन विधि मंत्रालय चाहता है कि उस विशेष दिन को निर्दिष्ट अदालत समर्पित अदालत के तौर पर कार्य करे।