केंद्र सरकार ने आशियाने का सपना देख रहे मध्यम वर्ग को एक बार फिर बड़ी राहत दी है। सरकार ने दिसंबर में खत्म हो रही क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम (सीएलएसएस) को 15 महीने तक बढ़ाने का फैसला लिया है। मार्च 2019 तक लोगों को सस्ते लोन पर मकान खरीदने की सुविधा मिलेगी।
द्रीय आवास व शहरी विकास सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा के मुताबिक, केंद्र सरकार ने मध्यम वर्ग को सस्ता मकान खरीदने का एक मौका और दिया है। अधिकतम 12 व 18 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले लोगों को आवासीय लोन पर ब्याज में क्रमश: 4 व 3 फीसदी की सब्सिडी मिलती रहेगी।
मंत्रालय अधिकारी बताते हैं कि सरकार करीब 2.60 लाख रुपये की सब्सिडी की रकम एकमुश्त दे रही है। इससे लोन का मूलधन कम होगा और ईएमआई भी कम होगी। अधिकारियों की मानें तो 20 साल के लोन पर तकरीबन पांच लाख रुपये तक का फायदा हो सकता है। बता दें कि बीते साल दिसंबर में शहरी मध्यम वर्ग के आवासीय लोन पर राहत देने की गरज से प्रधानमंत्री ने सीएलएसएस का ऐलान किया था।
पढ़ें- प्रधानमंत्री योजना से जुड़ने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, 44 हजार मकान बनाने को मंजूरी
इसके बाद अप्रैल महीने में आवास व शहरी विकास मंत्रालय ने नई गाइडलाइंस तैयार की थी। इसके तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में मिडिल इनकम (एमआईजी) के 12 व 18 लाख की आय वाले दो सब ग्रुप शामिल किये गये थे। 12 लाख रुपये तक की आय वालों को 90 वर्ग मीटर और 18 लाख रुपये तक की आय वालों को 110 वर्ग मीटर का घर खरीदने पर लोन के ब्याज को सब्सिडी के दायरे में लाया गया।
12 लाख रुपए तक की आय वालों को 9 लाख रुपये तक के होम लोन पर 4 फीसदी की सब्सिडी दी गयी। वहीं, 18 लाख रुपये कमाने वालों को 12 लाख रुपये तक के होम लोन पर 3 फीसदी सब्सिडी मिलेगी। मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इससे आम लोगों को सीधे तौर पर करीब 2.60 लाख का फायदा मिल रहा है। वहीं, मूलधन कम होने से लोन की किश्त भी कम बन रही है।
योजना दिसंबर 2017 में खत्म होनी थी। लेकिन इसके सकारात्मक असर को देखते हुये सरकार ने 15 महीने तक इसकी अवधि बढ़ा दी है। अब मार्च 2019 तक मकान खरीदने के लिये लोन लेने वाले लोग स्कीम का फायदा उठा सकेंगे।