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फर्जी बिलों पर लगाम कसने को सख्त की जाएगी जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया : केंद्र सरकार

Wed, 18 Nov 2020 04:05 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, नई दिल्ली
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वस्तु एवं सेवा कर - फोटो : pixabay
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केंद्र और राज्यों ने फर्जी बिलों के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया और कानूनी प्रावधानों को और ज्यादा सख्त बनाने की तैयारी कर ली है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, इस पर चर्चा के लिए बुधवार को जीएसटी परिषद की कानूनी समिति की एक बैठक आयोजित की जा रही है।

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आज होगी जीएसटी परिषद की कानूनी समिति की बैठक, केंद्र और राज्य मजबूत कर रहे हैं कानूनी प्रावधान
सूत्रों का कहना है कि वरिष्ठ केंद्रीय व राज्य कर अधिकारियों की मौजूदगी वाली समिति जीएसटी फर्जी बिल घोटालों पर भी चर्चा करेगी। साथ ही जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया को और ज्यादा सख्त करने और अन्य कानूनी प्रावधानों पर भी काम करेगी, जिनमें जीएसटी कानून में आवश्यक कानूनी संशोधन भी शामिल हैं ताकि फर्जी बिल जारी करने के खतरे पर लगाम लग सके।

सूत्रों के मुताबिक, वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) कानून के तहत पंजीकरण को सख्त करने के पीछे फर्जी डीलरों के जरिये इसके प्रावधानों के दुरुपयोग पर रोक लगाने का मकसद है। साथ ही पंजीकरण के निलंबन से संबंधित प्रावधानों को भी आसान और पंजीकरण को रद्द करने की प्रक्रिया को और ज्यादा तेज किया जा सकता है, ताकि ऐसी धोखाधड़ी में नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) जारी करने से समय रहते रोका जा सके।
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डाटा विश्लेषण तकनीकों से होगी पहचान
सूत्रों ने कहा, फर्जी बिल और आईटीसी जारी करने वाले करदाताओं की पहचान के लिए डाटा विश्लेषण तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा। ऐसे करदाताओं का पंजीकरण निलंबित करने के लिए संयुक्त कार्रवाई करने की भी व्यवस्था की जा रही है। ऐसे करदाताओं को अपने जीएसटी पंजीकरण का दोबारा उपयोग शुरू करने की इजाजत देने से पहले उनके पूरे व्यापार का भौतिक व वित्तीय सत्यापन फील्ड ऑफिसरों से कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।

393 मुकदमे दर्ज कर चुका है जीएसटी खुफिया महानिदेशालय
जीएसटी के तहत जांच यूनिट जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) अब तक सरकार को चूना लगाने के लिए फर्जी बिलों का धंधा चलाने वाले 30 लोगों को गिरफ्तार कर चुका है, जबकि ऐसी 1282 कंपनियों की पहचान की जा चुकी है और 393 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

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