केंद्र सरकार ने बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि उसने उस्मानाबाद शहर का नाम बदलकर धाराशिव करने की मंदूरी दे दी है। लेकिन औरंगाबाद का नाम बदलकर छत्रपति संभाजीनगर करने की मंजूरी अभी प्रक्रिया में है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसवी गंगापुरवाला और जस्टिस संदीप मार्ने की खंडपीठ ने पिछले महीने केंद्र सरकार से पूछा था कि क्या उसे महाराष्ट्र सरकार से उपरोक्त दोनों शहरों के नाम बदलने का कोई प्रस्ताव मिला है और हां तो क्या प्रस्ताव को स्वीकार किया गया है। बुधवार को अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने पीठ को बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से प्रस्ताव प्राप्त किया था।
उन्होंने बताया कि जहां तक उस्मानाबाद का नाम बदलने का सवाल है तो केंद्र ने राज्य सरकार को 2 फरवरी को ही सूचित कर दिया था कि उसे को आपत्ति नहीं है। लेकिन औरंगाबाद का नाम बदलने के प्रस्ताव पर अभी केंद्र ने कोई फैसला नहीं किया है। कोर्ट ने केंद्र के बयान को स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई को 27 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया।