सतलज यमुना लिंक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने समाधान करने के लिए केंद्र सरकार को तीन महीने का और वक्त दिया है। शीर्ष कोर्ट ने इस समय में केंद्र को पंजाब और हरियाणा के साथ बैठक कर इसका हल निकालने के लिए कहा है। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ से केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि इस मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा के साथ बातचीत जारी है। उन्होंने कोर्ट से इस मामले में तीन हफ्ते का और वक्त मांगा जिसे पीठ ने स्वीकार कर लिया।
पीठ ने चार महीने का वक्त देते हुए कहा कि केंद्र सरकार को इस दौरान इस मसले का समाधान करने के लिए कहा है। वहीं हरियाणा सरकार की ओर से पेश वकील ने पीठ से कहा कि इसके लिए एक समय निर्धारित होना चाहिए।
गत नौ जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और पंजाब और हरियाणा सरकार को सतलज-यमुना लिंक नहर को लेकर बैठक करने को कहा था। इसके लिए पंजाब व हरियाणा से वरिष्ठ अधिकारियों की एक कमेटी बनाने के लिए भी कहा गया था। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर बैठकों का कोई नतीजा नहीं निकलता है तो हम आदेश पारित करेंगे।
गौरतलब है कि पंजाब सरकार अदालती आदेश का पालन करने में आनाकानी कर रही है। पंजाब ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि वह अपने किसानों के हितों को नजरअंदाज कर दूसरे राज्यों को पानी नहीं दे सकता। पंजाब ने यह भी कहा था कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को सुनवाई नहीं करना चाहिए बल्कि इसे ट्रिब्यूनल को सुनना चाहिए। पंजाब के मुताबिक सतलज, यमुना ब्यास नदी के पानी पर उसका पहला हक है।