रेहड़ी-पटरी वालों के लिए एक जुलाई से शुरू होने जा रही प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना (पीएम स्वानिधि योजना) को लागू करने में राज्यों की सहायता करने और इस पर निगरानी के लिए 34 वरिष्ठ नौकरशाहों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इस योजना से करीब 50 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
दरअसल, लॉकडाउन में प्रभावित रेहड़ी-पटरी वालों को आजीविका को फिर से शुरू करने में मदद के लिए लागू की जाने वाली पीएम स्वनिधि योजना के तहत सस्ता कर्ज मुहैया कराए जाने का लक्ष्य है। योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वाले 10 हजार रुपये तक का कर्ज ले सकते हैं। इसे उन्हें हर महीने के हिसाब से एक साल में चुकाना होगा। समय से या जल्द ही भुगतान कर देने पर रेहड़ी पटरी वालों के खाते में ब्याज पर 7 फीसदी सालाना की दर से अनुदान मिलेगा। इसे हर छह महीने में सीधे खाते में भेजा जाएगा।
कार्मिक मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि नोडल अधिकारी योजना के क्रियान्वयन पर नजर रखेंगे। साथ ही समय-समय पर आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए राज्यों की सहायता भी करेंगे।
- आवास और शहरी विकास मंत्रालय बताएगा कामकाज का ब्योरा
आदेश में कहा गया है कि आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय ने नोडल अधिकारियों को उनके कामकाज और ड्यूटी चार्ट के बारे में बताएगा। इसके साथ ही वह इसके हितधारी राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों और शहरों संपर्क का ब्योरा भी उपलब्ध कराएगा।
- यूपी के लिए चार, हरियाणा के लिए एक, पंजाब के लिए दो अफसरों की तैनाती
कार्मिक मंत्रालय के मुताबिक, निरंजन कुमार सिंह को छोड़कर सभी नोडल अधिकारी भारतीय प्रशासनिक सेवा से हैं। सिंह भारतीय वन सेवा के अधिकारी हैं। ये सभी अधिकारी संयुक्त सचिव स्तर के हैं। सिंह को गुजरात का नोडल अधिकारी, एमसी जौहरी को पूर्वोत्तर राज्यों का, नीरजा शेखर को हरियाणा, हुकुम सिंह मीणा को बिहार, रजत कुमार मिश्रा और तन्मय कुमार को राजस्थान और राजेश कुमार सिन्हा को केरल का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
कामरान रिजवी, लीना जौहरी, अमित कुमार घोष और पार्थसारथी सेनशर्मा को उत्तर प्रदेश के लिए नोडल अधिकारी तय किया गया है। अमित अग्रवाल छत्तीसगढ़, राकेश कुमार वर्मा और अलकनंदा दयाल पंजाब और जी जयलक्ष्मी तेलंगाना के लिए नोडल अधिकारी होंगे।