मोदी कैबिनेट ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए), अंतरराष्ट्रीय प्रतिभूति आयोगों के संगठन (आईओएससीओ) तथा अंतरराष्ट्रीय बीमा निरीक्षक संघ (आईएआईएस) के बीच हुए (एमओयू) को मंजूरी दी। यह विभिन्न नियामकों का सबसे बड़े बहुपक्षीय मंच में से एक है और इसमें 124 देशों के हस्ताक्षर हैं।
कैबिनेट बैठक के बाद वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत के इसमें शामिल होने से हर तरह की सूचनाओं का आदान प्रदान हो सकेगा और गिफ्ट सिटी में पंजीकरण कराने वालों के लिए कारोबार के हालात सुगम हो सकेंगे।
गांधीनगर में गिफ्ट सिटी देश का पहला परिचालन वाला स्मार्ट शहर और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) है। यह देश में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्रों में वित्तीय उत्पादों, वित्तीय सेवाओं और वित्तीय संस्थानों के विकास तथा नियमन वाला एकीकृत नियामक है।