कोरोना वायरस महामारी की वजह से देश में लॉकडाउन जारी है। कोरोना संकट से देश को उबारने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से 1.7 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का एलान किया जा चुका है। ये राहत पैकेज गरीब, मजदूर, किसान, कमजोर तबके और कोरोना योद्धाओं के लिए जारी किया गया है।
लॉकडाउन में संकट से जूझ रहे गरीब, किसान, मजदूर, छोटे कर्मचारियों और महिलाओं को राहत देने के लिए इस योजना को दो हिस्सों में बांटा गया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ रुपये गरीबों और दिहाड़ी मजदूरों को दिए जाएंगे।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत गरीबों को तीन महीने तक मुफ्त राशन दिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा के तहत काम करने वालों को अब 182 रुपये के बदले 202 रुपये मिलेंगे। इससे उनकी आय में 2000 रुपये की बढ़ोतरी होगी।
इसके अलावा तीन करोड़ गरीब वृद्धों, गरीब विधवाओं और गरीब दिव्यांगों को एक-एक हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा हुई है। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को अगले तीन महीने तक मुफ्त में रसोई गैस सिलेंडर दिए जाएंगे। इसका फायदा आठ करोड़ परिवारों को होगा।
राहत पैकेज में 8.7 करोड़ किसानों के खाते में अप्रैल के पहले हफ्ते में 2000 रुपये सीधे डालने के एलान किया गया है। जनधन योजना के जरिए देश की 20 करोड़ महिलाओं के खाते में अगले तीन महीने तक डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर के जरिए 500-500 रुपये दिए जा रहे हैं।
कोरोना योद्धाओं जैसे डॉक्टर, पैरामेडिकल कर्मी, नर्स, आशा सहयोगी व अन्य मेडिकल स्टाफ के लिए 50 लाख के इंश्योरेंस का एलान किया है। इसका लाभ करीब 20 लाख लोगों को मिलेगा।