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खुशखबर : नोएडा में तीन लाख अटके फ्लैट्स को पूरा करेगी केंद्र और यूपी सरकार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Wed, 30 Jan 2019 10:35 AM IST

सार

  • अटके हुए तीन लाख फ्लैट का काम पूरा करेंगी केंद्र और यूपी सरकार।
  • खाली पड़ी जमीन को विकसित करने पर विचार। 
  • पीयूष गोयल और सरकारी बैंकों के बीच बातचीत हुई है।
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हाउसिंग प्रोजेक्ट - फोटो : अमर उजाला


शुरुआत में इसके एक से दो हजार करोड़ रुपये होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में हाउसिंग सेक्रेटरी डीएस मिश्रा भी शामिल थे। बैठक में हाउसिंग मिनिस्ट्री, एनबीसीसी और बैंकों से एक ऐसी योजना बनाने के लिए कहा गया है जिस पर तुरंत कदम बढ़ाया जा सके।

इस वजह है अटके हैं फ्लैट

खाली पड़ी जमीनों के इस्तेमाल के लिए बैठक में चर्चा हुई है कि इन्हें एनबीसीसी जैसी एजेंसियों को सौंपा जाएगा। ताकि एनबीसीसी इन जमीनों में संसाधन पैदा करे या फिर इन्हें विकसित कर 10-10 साल से अटके पड़े फ्लैट्स के निर्माण का खर्च जुटाए। जेपी इन्फ्राटेक, आम्रपाली और लोटस 3C की ग्रेनाइट गेट जैसी कंपनी इस वक्त दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही हैं। जिसके कारण इनके पास लोगों के 70 हजार फ्लैट फंसे हुए हैं। 



सूत्रों का कहना है कि अतिरिक्त रकम लागकर भी फ्लैट्स का काम पूरा किया जा सकता है। अटके फ्लैट्स की संख्या इसलिए बढ़ गई है क्योंकि एक ओर बिल्डर पैसे जुटाने में असक्षम हैं, तो वहीं दूसरी ओर फ्लैट के निर्माण को लेकर होम बायर्स ने भी पेमेंट करना बंद कर दिया है। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए कई प्रकार की योजनाओं पर विचार किया जा रहा है।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगामी लोकसभा चुनावों से पहले अटके पड़े फ्लैट्स के काम को पूरा करना चाहते हैं। इस ओर सरकार ने एक साल पहले ही कदम बढ़ाने शुरू कर दिए थे।  

किसके पास कितनी है खाली जमीन?

आम्रपाली ग्रुप के पास 43 हजार फ्लैट फंसे हुए हैं और 10 हजार नए फ्लैट बनाने के लिए जमीन खाली है। जेपी ग्रुप के पास 3,500 एकड़ खाली जमीन है। सूत्रों के अनुसार सुपरटेक, यूनिटेक और 3C ग्रुप के पास भी काफी जमीन खाली पड़ी है, जिसे विकसित किया जा सकता है।

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